MLK PG College: कथक नृत्य में 'भाव और साहित्य' ही उसकी आत्मा हैं नृत्यांगना हर्षिता चौहान
बलरामपुर: एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज बलरामपुर में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संचालित 'पंडित बिरजू महाराज कल्चरल क्लब' द्वारा आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम के पांचवें दिन शुक्रवार को एक विशेष विद्वत व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य विषय "कथक नृत्य में भाव व साहित्य" रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की इस विधा के बारीक और दार्शनिक पहलुओं से रूबरू कराया गया।
पारंपरिक ढंग से हुआ व्याख्यान का शुभारंभ
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय के कुशल निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस गरिमामयी शुरुआत में कॉलेज की मुख्य नियन्ता प्रो. वीणा सिंह, सांस्कृतिक निदेशक प्रो. रेखा विश्वकर्मा और मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित विख्यात कथक नृत्यांगना हर्षिता चौहान मुख्य रूप से मंच पर उपस्थित रहीं।

चेहरे के हाव-भाव और मुद्राएं बिना बोले कह जाती हैं पूरी कहानी
विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता हर्षिता चौहान ने कथक की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कथक नृत्य में 'भाव' और 'साहित्य' (अभिनय या नाट्य) इसके सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिन्हें नृत्य की आत्मा कहा जा सकता है। इसके माध्यम से एक नर्तक बिना किसी शब्द का उच्चारण किए, केवल अपने चेहरे के हाव-भाव, आंखों की पुतलियों के संचालन, हाथों की विशिष्ट मुद्राओं और शारीरिक भंगिमाओं के जरिए बड़ी से बड़ी कहानियों, काव्यों और गहरी मानवीय भावनाओं को दर्शकों के दिल तक पहुँचा देता है।"
सुश्री चौहान ने छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए बताया कि इस नृत्य शैली में बिना किसी बोल या भारी पद-संचालन (फुटवर्क) के भी, केवल चेहरे की अभिव्यक्ति से पौराणिक प्रसंगों, ऐतिहासिक गाथाओं या नायिका के विभिन्न मनोभावों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

विद्यार्थियों के लिए क्लब की गतिविधियां स्वर्णिम अवसर: प्रो. वीणा सिंह
क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्य नियन्ता प्रो. वीणा सिंह ने कहा कि 'पंडित बिरजू महाराज कल्चरल क्लब' विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए एक शानदार मंच प्रदान कर रहा है। यह छात्रों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है और सभी को इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
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स्वागत और धन्यवाद: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब की प्रभारी प्रो. रेखा विश्वकर्मा ने सभी अतिथियों का आदरपूर्वक स्वागत किया। वहीं, सत्र के समापन पर क्लब के कोषाध्यक्ष डॉ. स्वदेश भट्ट ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
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मंच संचालन: पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए क्लब के सचिव लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने कथक नृत्य में भाव और साहित्य की प्रासंगिकता व इस व्याख्यान के मुख्य उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की।
समारोह में गणमान्य शिक्षाविदों की रही उपस्थिति
इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान के अवसर पर शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार मौर्य, डॉ. वंदना सिंह सहित महाविद्यालय के कई प्राध्यापक, सांस्कृतिक क्लब के सदस्य और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


