एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज में 'बौद्धिक संपदा अधिकार' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ
गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन
समारोह का उद्घाटन माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, मुख्य अतिथि डॉ. राजू तिवारी (असिस्टेंट कंट्रोलर, पेटेंट डिज़ाइन, भारत सरकार), कर्नल संजीव कुमार वार्ष्णेय (सचिव, प्रबंध समिति), प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय और आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक प्रो. एस.पी. मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। मां सरस्वती की वंदना और महाविद्यालय के कुलगीत के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि ऋग्वेद विश्व का प्राचीनतम ग्रंथ है, जो न केवल आध्यात्मिकता बल्कि खगोल विज्ञान, चिकित्सा और प्रौद्योगिकी का भी मूल स्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक खोजों का आधार भारतीय ज्ञान परंपरा ही है। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों को नाथपंथ के सिद्धांतों से जोड़ते हुए विस्तृत जानकारी साझा की।
मुख्य अतिथि डॉ. राजू तिवारी ने शोध की सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध कार्यों और नवाचारों की सुरक्षा के लिए बौद्धिक संपदा नीति अनिवार्य है। पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के माध्यम से ही ज्ञान का सही व्यावसायीकरण और प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है।"
संगोष्ठी के मुख्य उद्देश्य
प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय देते हुए बताया कि इस आयोजन का लक्ष्य छात्रों और शिक्षकों को उनके मौलिक कार्यों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
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प्रमुख फोकस: पेटेंट और कॉपीराइट के तरीकों की शिक्षा देना।
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अनुसंधान को बढ़ावा: ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना जिनके परिणाम पेटेंट योग्य हों।
सत्र संचालन और तकनीकी चर्चा
समन्वयक डॉ. सद्गुरु प्रकाश ने संगोष्ठी की थीम पेश की, जबकि आयोजन सचिव डॉ. बजरंगी लाल गुप्त ने सभी का आभार व्यक्त किया। तकनीकी सत्र में गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने अनुसंधान संस्थानों में आई.पी.आर. की चुनौतियों और अवसरों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. स्वदेश भट्ट द्वारा किया गया।
उपस्थिति
इस अवसर पर प्रो. वीणा सिंह, प्रो. आर.के. सिंह, प्रो. पी.के. सिंह, प्रो. अरविंद द्विवेदी सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





