विज्ञान प्रदर्शनी में छात्राओं के मॉडल्स ने दिखाई विकसित भारत की कल्पना

150 मॉडल्स में 60 वर्किंग मॉडल; डॉ. दिनेश कुमार ने जीरो-कॉस्ट और प्लास्टिक-मुक्त मॉडल्स को प्राथमिकता देने की अपील की
 
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लखनऊ, 19 सितंबर 2026। लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज में विज्ञान प्रदर्शनी 2026-27 का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं ने वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता का परिचय देते हुए 150 मॉडल्स प्रस्तुत किए, जिनमें 60 वर्किंग मॉडल शामिल रहे। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मॉडलों में स्मार्ट सिटी, रोबोट, फ्लड मैनेजमेंट, हाइड्रोपोनिक सिस्टम और सौर ऊर्जा आधारित तकनीक सहित कई विषयों पर आधारित मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ देवेंद्र पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार रहे। छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सत्यम शिवम सुंदरम विज्ञान प्रभारी, राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज, डॉ. वी.पी. सिंह, मुख्य राज्य अन्वेषक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस तथा डॉ. अनूप चतुर्वेदी, विज्ञान संचारक भी उपस्थित रहे।

दीप प्रज्वलन के साथ प्रदर्शनी का शुभारंभ

विद्यालय की प्रधानाचार्य निशा श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि का शॉल एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं से मॉडलों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और उनके पीछे की वैज्ञानिक अवधारणाओं के बारे में जानकारी ली तथा मॉडलों की उपयोगिता और प्रभाव बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को जीरो-कॉस्ट अथवा कम से कम लागत में तैयार होने वाले मॉडल्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। डॉ. दिनेश कुमार ने शिक्षकों से भी कहा कि मॉडल तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। मॉडल में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाए जो निःशुल्क या बहुत कम लागत में आसानी से उपलब्ध हो।उन्होंने मॉडल्स को प्लास्टिक-मुक्त रखने पर भी जोर दिया।

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दैनिक जीवन में उपयोगी हों वैज्ञानिक मॉडल

जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का छोटे स्तर पर विद्यालय के दैनिक कार्यों में उपयोग किया जाए तो उनकी उपयोगिता को और बढ़ाया जा सकता है।उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के वर्किंग मॉडल्स की सराहना करते हुए उन्हें अपने नवाचारों और वैज्ञानिक मॉडलों को ऑनलाइन माध्यमों से प्रस्तुत एवं अपलोड करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें व्यापक स्तर पर पहचान मिल सके।

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ये मॉडल रहे आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी में छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें मशरूम हार्वेस्टिंग ऑन वेस्ट मटेरियल, ड्राई न्यूटन्स क्रैडल, हाइड्रोपोनिक सिस्टम, सोलर आयरनिंग कार्ट, लिफ्ट डैमेज प्रिवेंशन, ब्रेन फंक्शनिंग, स्मार्ट सिटी, रोबोट,फ्लड गार्ड स्मार्ट ड्रेन सेफ्टी सिस्टम, फ्लेमेबल हैंड, फ्लड वाटर मैनेजमेंट, शटल रॉकेट, इसरो कार्यशाला, लालबाग पैथोलॉजी, एक्यूप्रेशर और यूनिवर्स मॉडल प्रमुख रहे।इन मॉडलों के माध्यम से छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष विज्ञान, ऊर्जा संरक्षण और आधुनिक तकनीक जैसे विषयों पर अपनी समझ और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।

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शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन

विज्ञान शिक्षिकाओं स्मिता हैमलिन, अर्चना सैनी, नीरज यादव, तनु चंद्रा एवं इतरत रजा के मार्गदर्शन में प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया।मॉडलों के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में आरती पांडेय, दीपा तिवारी, रमन सिंह एवं फराह जमशेद शामिल रहीं।इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य निशा श्रीवास्तव के साथ शिक्षिकाएं अर्चना शर्मा, निधि स्मिथ, शैली अवस्थी, अलीना रहमान, उम्मे जैनब सहित विद्यालय की अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।विज्ञान प्रदर्शनी ने छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, समस्या-समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया। अतिथियों ने छात्राओं के मॉडलों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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