अलविदा मोहसिना किदवई: प्रखर महिला नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन पर लखनऊ में शोक सभा आयोजित
बहुगुणा स्मृति समिति ने व्यक्त किया गहरा शोक
यह शोक सभा अखिल भारतीय हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के गोमती एनक्लेव स्थित निवास पर आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री और समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिज़वी ने की।
शोक प्रस्ताव पारित करते हुए वक्ताओं ने मोहसिना किदवई जी के 50 वर्षों से अधिक के सक्रिय राजनैतिक जीवन को उपलब्धियों से परिपूर्ण और प्रेरणादायी बताया।
महिलाओं और वंचितों की आवाज थीं मोहसिना किदवई
समिति ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
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कुशल नेतृत्व: उत्तर प्रदेश और भारत सरकार में मंत्री के रूप में उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और कुशलता से निभाया।
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मधुरभाषी व्यक्तित्व: वे अपने सौम्य व्यवहार और कर्मठता के लिए जानी जाती थीं।
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प्रेरणास्रोत: भारत की शीर्ष महिला नेत्रियों में उनका स्थान हमेशा ऊँचा रहेगा और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल रहेंगी।
पुरानी यादों को किया साझा
डॉ. अम्मार रिज़वी ने भावुक होते हुए वर्ष 1974 के उस दौर को याद किया जब मोहसिना जी स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी के नेतृत्व वाली सरकार में लघु उद्योग मंत्री थीं। उन्होंने नारायण दत्त तिवारी और लोकपति त्रिपाठी जैसे दिग्गजों के साथ उनके कार्य करने के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि मोहसिना जी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में देशभर में समिति के सामाजिक कार्यों को नई दिशा दी थी।
शोक सभा में उपस्थित गणमान्य
इस श्रद्धांजलि सभा में प्रो. रीता बहुगुणा जोशी और डॉ. अम्मार रिज़वी के साथ अरशद आज़मी, प्रदीप कपूर, विजय श्रीवास्तव, एस.यू. शाह, अनूप श्रीवास्तव, अमित पांडेय, जे.पी. बाजपेयी, डॉ. आर.एन. त्रिपाठी, देव वर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। मोहसिना किदवई का निधन न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका मार्गदर्शन और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य समाज को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
