लखनऊ में गूंजी स्वर्णकार समाज की आवाज: 'सोनार-समागम' में उमड़ा 10 हजार से ज्यादा लोगों का हुजूम
राजनीतिक भागीदारी के लिए भरी हुंकार
आजादी के 78 वर्षों बाद भी राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व न मिलने की पीड़ा इस महाकुंभ में साफ दिखाई दी। समाज के वक्ताओं ने एक सुर में मांग की कि स्वर्णकार समाज को उनकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक दलों में हिस्सेदारी और सुरक्षा दी जाए।

कार्यक्रम की रूपरेखा और नेतृत्व
इस विशाल समागम का सफल आयोजन श्री मनीष कुमार वर्मा और श्री राजेश सोनी के मुख्य संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कमलेश सोनी, बन्नू भैया, आकाश वर्मा और पंकज वर्मा जैसे प्रमुख समाजसेवियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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उद्घाटन: समारोह का शुभारंभ बिहार से पधारे अशोक वर्मा जी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
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अध्यक्षता: कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री पी.एल. सोनी जी द्वारा की गई।
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संचालन: मंच का कुशल संचालन श्री अनुराग वर्मा और सुषमा सोनी ने किया।
उचित प्रतिनिधित्व नहीं तो 'अपना दल' की चेतावनी
मुख्य आयोजक मनीष कुमार वर्मा और राजेश सोनी ने अपने संबोधन में राजनीतिक दलों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्वर्णकार समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, तो समाज भविष्य में अपनी राजनीतिक पार्टी (दल) बनाने पर विचार करने को मजबूर होगा।
भविष्य की रणनीति: नेताओं ने घोषणा की कि वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए आगामी चुनाव से पहले देश और प्रदेश स्तर पर 1 लाख से ज्यादा स्वर्णकारों की एक महारैली आयोजित करेंगे।
आभार और समापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजक मंडल—मनीष कुमार वर्मा, राजेश सोनी, कमलेश रस्तोगी और मंच संचालक अनुराग वर्मा व सुषमा सोनी ने दूर-दराज से आए स्वर्णकार बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस महाकुंभ को सफल बनाने के लिए समाज की एकता की सराहना की।



