70 हजार से अधिक युवा सीएम युवा उद्यमी स्कीम से जुड़कर स्वयं के उद्यम स्थापित करना प्रारंभ किया है- मुख्यमंत्री

पी के अंदर कार्य करने वाले युवाओं को न्यूनतम वेतन की मिलेगी गारंटी: सीएम योगी

- नियुक्ति देने वाली कंपनियों के अतिरिक्त चार्जेज वहन करेगी सरकार- मुख्यमंत्री

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रोजगार महाकुंभ 2025 का शुभारंभ किया

 सीएम योगी ने कहा- इस रोजगार महाकुंभ में न सिर्फ नौकरियां मिलेंगी बल्कि नई टेक्नोलॉजी की मांग के अनुरूप ट्रेनिंग और कोर्स भी तय होंगे

- युवा अपार ऊर्जा का स्रोत है, सबसे अधिक युवा आबादी यूपी का सौभाग्य- सीएम

- किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होगा, यूपी में हर युवा को रोजगार की गारंटी होगी- मुख्यमंत्री

- आज यूपी की प्रतिभा की मांग देश और दुनिया में हो रही है- सीएम योगी

- जिस प्रदेश में रोजगार के लिए पूरा गांव पलायन करता था आज वह रोजगार उपलब्ध- मुख्यमंत्री

 
cfghn

लखनऊ,  अगस्त।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में काम करने वाले हर युवा को न्यूनतम वेतन की गारंटी मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी कंपनी या नियोक्ता अब कर्मचारियों का शोषण नहीं कर सकेगा। न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी और इसके अतिरिक्त होने वाले खर्च का वहन सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम युवाओं को सुरक्षित रोजगार, सम्मानजनक वेतन और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।

रोजगार महाकुंभ 2025 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय “रोजगार महाकुंभ 2025” का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन रहा है, जहाँ हर कामगार को न्यूनतम मजदूरी और वेतन की गारंटी दी जा रही है। उन्होंने प्रदेश की युवा आबादी को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आज यूपी की प्रतिभा की मांग वैश्विक स्तर पर हो रही है।

पलायन से अवसर की ओर बदलाव

सीएम योगी ने कहा कि कभी रोजगार की तलाश में गाँव-गाँव से लोग प्रदेश छोड़कर जाते थे, लेकिन अब वही उत्तर प्रदेश अपने भीतर अवसर पैदा कर रहा है। यह बदलाव पिछले 8 वर्षों की योजनाबद्ध नीतियों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन रोजगार और विकसित भारत के संकल्प का हिस्सा है।

ODOP योजना और MSME क्षेत्र में नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक जिला एक उत्पाद” (ODOP) योजना ने परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दिलाई है। एमएसएमई सेक्टर में 96 लाख से अधिक यूनिट्स को पुनर्जीवित किया गया है। कोविड-19 काल में जब 40 लाख से ज्यादा प्रवासी लौटे, तब इन्हीं यूनिट्स ने 90% को रोजगार दिया और वे आज भी काम से जुड़े हैं।

उन्होंने बताया कि पंजीकृत एमएसएमई उद्यमियों को 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जा रहा है। यदि हर यूनिट औसतन 2 से 10 लोगों को रोजगार देती है तो लाखों युवाओं को सम्मानजनक काम मिल रहा है। यही ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूत कर रहा है।

कारीगरों और उद्यमियों को सम्मान

सीएम योगी ने कहा कि परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को बढ़ावा देने के लिए “विश्वकर्मा श्रम सम्मान” और “पीएम विश्वकर्मा योजना” लागू की गई है। इसके तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, मोची, नाई जैसे पारंपरिक कामगारों को मुफ्त टूलकिट, सस्ता ऋण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

साथ ही, “सीएम युवा उद्यमी स्कीम” के तहत 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को बिना गारंटी के ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 70,000 से अधिक युवा इस योजना से जुड़कर अपने उद्यम खड़े कर चुके हैं।

सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में 8.5 लाख युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इसमें पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पीडब्ल्यूडी और विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं।

निवेश और औद्योगिक विकास

सीएम योगी ने बताया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के चलते यूपी निवेशकों की पहली पसंद बना है। बीते वर्षों में 33 से ज्यादा सेक्टोरियल नीतियां लागू की गईं। ‘इन्वेस्ट यूपी पोर्टल’ और ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ ने निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया। अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश जमीन पर उतरे हैं, जिससे करीब 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।

नई तकनीक और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप मिशन और स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, रोबोटिक्स और IoT जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अत्याधुनिक लैब बनाई गई हैं।

विदेश जाने वाले युवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार भाषाई प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है—जैसे जर्मनी के लिए जर्मन भाषा और जापान के लिए जापानी भाषा—ताकि वे विदेश में रोजगार पाते समय किसी समस्या का सामना न करें।

श्रमिकों की सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। श्रम कानूनों में सुधार के साथ यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी आउटसोर्सिंग कंपनी के जरिए श्रमिक का शोषण न हो और उन्हें पूरा वेतन मिले।

रोजगार और तकनीक का संगम

सीएम योगी ने कहा कि रोजगार महाकुंभ युवाओं और उद्योगों को जोड़ने का मंच है। इससे न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि बाजार की जरूरतों के अनुसार नई ट्रेनिंग और कोर्स भी तय होंगे। उन्होंने कहा कि “जब श्रमिक और किसान समृद्ध होंगे तभी उत्तर प्रदेश और भारत दोनों खुशहाल बनेंगे।”

Tags