विद्यार्थियों को उद्यमिता और स्वदेशी उत्पाद अपनाने के लिए किया प्रेरित
ऊना, सत्य देव शर्मा सहोड़। स्वदेशी जागरण मंच की ओर से के.सी. स्कूल पंडोगा में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों को स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय संसाधनों, स्वरोजगार और उद्यमिता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने युवाओं से अपनी प्रतिभा और कौशल का उपयोग करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पुनीत मोदगिल ने विद्यार्थियों के साथ अपनी उद्यमी यात्रा और अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत, कौशल, नई सोच और उपलब्ध अवसरों की पहचान बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं को केवल नौकरी हासिल करने का लक्ष्य नहीं रखना चाहिए, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का सपना भी देखना चाहिए।
स्वदेशी का अर्थ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
स्वदेशी जागरण मंच जिला ऊना के पूर्णकालिक प्रशिक्षक सत्य देव शर्मा ने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा केवल देश में बने उत्पाद खरीदने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे स्थानीय रोजगार, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की व्यापक सोच है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्थानीय उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की शुरुआत अपने घर से ही होती है और छोटे-छोटे प्रयास मिलकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को मिले प्रोत्साहन
जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़ ने स्थानीय किसानों, कारीगरों, दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने दीपावली का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि लोग स्थानीय कुम्हार से मिट्टी के दीये खरीदते हैं तो इससे उनके घर में रोशनी आने के साथ-साथ कुम्हार के परिवार में भी खुशियां पहुंचती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उत्पादों और सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूक किया तथा कहा कि स्थानीय खरीदारी से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
विद्यार्थियों ने लिया स्वदेशी अपनाने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उद्यमिता की भावना को अपने जीवन में शामिल करने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के उद्यमी और राष्ट्र निर्माता हैं। यदि युवा स्थानीय संसाधनों, अपनी प्रतिभा और कौशल को अवसरों में बदलने की दिशा में काम करें, तो वे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर हिमाचल और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्य निर्मला देवी, समन्वयक अनीता कुमारी तथा शिक्षक दीपिका दत्ता, प्रदीप कौर, रशिम, जसविंदर कौर, शशि बाला, वंदना दत्ता, सपना कुमारी और सुदेश कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
