एमएलके पीजी कॉलेज के एमएससी वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों ने केरल में किया पादप विविधता का अध्ययन

M.Sc. Botany students from MLK PG College studied plant diversity in Kerala.
 
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लरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के एमएससी के छात्र-छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण के दौरान केरल के कोच्चि एवं मुन्नार क्षेत्र में विभिन्न वनस्पतियों का अध्ययन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण में डॉ. मोहम्मद अकमल और डॉ. वीर प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

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शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने त्रिशूर क्षेत्र स्थित बाहुबली जलप्रपात का भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्राकृतिक आवास में पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पतियों, विशेष रूप से सिलेजिनेला (Selaginella) और ग्लेचीनिया (Gleichenia) का अवलोकन एवं अध्ययन किया। विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उद्देश्य से पादप नमूनों का संग्रह भी किया। इस गतिविधि से उन्हें इन पौधों की संरचना, विविधता और प्राकृतिक आवास के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। ये वनस्पतियां बीएससी एवं एमएससी की प्रायोगिक कक्षाओं के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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इसके बाद विद्यार्थियों ने इडुक्की जिले में स्थित चियापारा जलप्रपात का अवलोकन किया। मुन्नार के निकट अनाचल स्थित आयूर वैली के मसाला एवं हर्बल गार्डन में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मसालों और औषधीय पौधों का अध्ययन किया। यहां गाइड ने उन्हें पौधों की विशेषताओं, उनके उपयोग तथा मसालों और हर्बल उत्पादों के बारे में जानकारी दी।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कोच्चि के प्रमुख स्थलों का भी दौरा किया। उन्होंने कोच्चि विमानपत्तन, लुलु मॉल और वाटर मेट्रो के माध्यम से मरीन ड्राइव क्षेत्र का भ्रमण किया। मरीन ड्राइव पर विद्यार्थियों ने अरब सागर और आसपास के जलक्षेत्रों के मनोरम दृश्यों का आनंद लिया तथा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखा।

व्यावहारिक ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना उद्देश्य

इस शैक्षिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना और वनस्पति विज्ञान के व्यावहारिक अध्ययन को प्रोत्साहित करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न वनस्पतियों के प्राकृतिक आवास, क्षेत्रीय पादप विविधता और पर्यावरणीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।

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इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, पादप विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा क्षेत्रीय अध्ययन और पादप नमूना संग्रह जैसी व्यावहारिक गतिविधियों में दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस शैक्षणिक भ्रमण में श्रीमती रीना, श्रीमती अमृता सिंह, ऋचा उपाध्याय, इपशिता, सौम्या सिंह, मोहम्मद फैज, सौम्य पांडेय, लक्ष्मी सोनी और शशि चौधरी सहित अन्य प्रतिभागी शामिल रहे।

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