आईआईटीएफ-2025 के समापन पर एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने प्रदेश पवेलियन का किया निरीक्षण
नई दिल्ली नवम्बर 2025 इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) 2025 के सफल समापन पर उत्तर प्रदेश पवेलियन एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बना रहा। समापन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हैंडलूम एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने पवेलियन का दौरा कर राज्य की विविध शिल्पकला और उद्यमशीलता की प्रशंसा की।
विविध उत्पादों की शानदार बिक्री
इस वर्ष उत्तर प्रदेश पवेलियन के 150 से अधिक स्टॉलों ने प्रदेश की खास पहचान वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया। ओडीओपी से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री श्री सचान ने बताया कि पवेलियन से लगभग 5 करोड़ रुपये की बिक्री और व्यापारिक पूछताछ दर्ज की गई है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम पर उत्तर प्रदेश की चमक
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित पवेलियन ने प्रदेश की समृद्ध कला परंपरा, आत्मनिर्भरता और नवाचार को मनमोहक रूप में प्रस्तुत किया।
दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा—
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लखनऊ की चिकनकारी
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फिरोजाबाद का ग्लास वर्क
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वाराणसी की रेशमी साड़ियाँ
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सहारनपुर की लकड़ी कारीगरी
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भदोही-मिर्जापुर की कालीनें
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खुर्जा की सिरेमिक्स
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अलीगढ़ के मेटल उत्पाद
1991 से लगातार सहभागिता
आईटीपीओ द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित मेले में उत्तर प्रदेश वर्ष 1991 से निरंतर भाग ले रहा है। इस बार विभिन्न विभागों—सूचना, पर्यटन, यूपीसीडा, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण—ने भी प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया।
निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है उत्तर प्रदेश
मंत्री श्री सचान ने बताया कि निवेश-अनुकूल नीतियों और बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है। काॅरपोरेट सेक्टर द्वारा मिल रहा निरंतर समर्थन इसकी पुष्टि करता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में—
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डिफेंस कॉरिडोर
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फ्रेट कॉरिडोर
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सांस्कृतिक कॉरिडोर
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एयरपोर्ट, रोड और वाटर कनेक्टिविटी
जैसे आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे औद्योगिक वृद्धि को मजबूती मिल रही है।
एमएसएमई क्षेत्र पर विशेष फोकस
प्रदेश में फिलहाल 90 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ सक्रिय हैं। इनमें बड़ी संख्या माइक्रो उद्यमों की है। इनके सशक्तिकरण के लिए सरकार कई योजनाएँ संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) के तहत 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले 10 वर्षों में 10 लाख से अधिक उद्यमियों को इस योजना से लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित है।
इसके अलावा—
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स्टाम्प शुल्क में छूट
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पूंजीगत व ब्याज उपादान
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तकनीकी उन्नयन
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ऊर्जा दक्षता सहायता
जैसी सुविधाएँ एमएसएमई अधिनियम-2020 और एमएसएमई नीति-2022 के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सम्मान
समापन समारोह में मंत्री श्री राकेश सचान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों, प्रतिभागियों, स्टार्ट-अप्स, महिला समूहों और कारीगरों को सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को इस वर्ष आईआईटीएफ-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक भी प्रदान किया गया।कार्यक्रम में अपर आयुक्त उद्योग श्री राजकमल यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
