MUIT Lucknow: महर्षि विश्वविद्यालय में गूंजा "एक पेड़ माँ के नाम" का संकल्प; पर्यावरण दिवस पर रोपे गए नीम, आम और जामुन के पौधे
लखनऊ, 05 जून 2026: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा संचालित देशव्यापी अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” (सत्र 2026-27) के अनुपालन में, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MUIT), लखनऊ परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस हरित अभियान में विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण हमारी शीर्ष प्राथमिकता" — कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर महर्षि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर भानु प्रताप सिंह ने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपना विशेष बधाई संदेश प्रेषित किया। अपने संदेश में कुलपति ने जोर देते हुए कहा बढ़ते प्रदूषण और वैश्विक तापमान के इस दौर में पर्यावरण का संरक्षण करना केवल एक वार्षिक रस्म नहीं, बल्कि हम सबकी सबसे बड़ी नैतिक और शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। जब तक हर नागरिक प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक हम एक स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं कर सकते।"
अधिकारियों और प्राध्यापकों ने मिलकर रोपे पौधे
परिसर को हरा-भरा (Green Campus) बनाने और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने अग्रणी भूमिका निभाई। इस दौरान परिसर में नीम, आम, जामुन सहित कई अन्य छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे वरिष्ठ पदाधिकारी:
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव (Registrar) डॉ. गिरीश छिम्मवाल और उप कुलसचिव डॉ. राजेश सिंह।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. के. के. शुक्ला और डीन अकादमिक्स डॉ. नीरज जैन।
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मिशन लाइफ (Mission LiFE) के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश पाण्डेय।
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राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई-1 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सपन अस्थाना तथा NSS इकाई-2 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आर. पी. दीक्षित।
जलवायु परिवर्तन से लड़ने और सतत विकास का आह्वान
वृक्षारोपण के बाद उपस्थित वक्ताओं और विशेषज्ञों ने छात्रों को संबोधित करते हुए पेड़ों के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेड़ न केवल वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती—जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने में हमारे सबसे बड़े मददगार हैं, बल्कि ये स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और स्वच्छ प्राणवायु प्रदान करने का एकमात्र जरिया हैं।
संस्थान के अधिकारियों ने युवाओं से अपनी पर्यावरणीय जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने तथा सतत विकास (Sustainable Development) के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
हरित जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण और एक 'हरित जीवनशैली' (Green Lifestyle) को बढ़ावा देने की शपथ ली। महर्षि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस मौके पर दोहराया कि संस्थान भविष्य में भी पर्यावरणीय स्थिरता और प्रकृति संरक्षण से जुड़े सभी राष्ट्रीय अभियानों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण किया जा सके।
