एमयूआईटी में विद्यार्थियों को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया प्रेरित
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह ने खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास जैसे गुणों का भी विकास होता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. गिरीश छिमवाल भी मौजूद रहे।
युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना के मार्गदर्शन में एमयूआईटी की NSS इकाई विद्यार्थियों के बीच कार्यक्रम के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है।
NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सपन अस्थाना ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम प्रकाश दीक्षित और डॉ. सुगत शुक्ला भी उपस्थित रहे।
NSS स्वयंसेवक चला रहे जागरूकता अभियान
एमयूआईटी लखनऊ की NSS इकाई के स्वयंसेवक कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्वयंसेवकों द्वारा विद्यार्थियों और युवाओं तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाकर उन्हें इसमें सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन से “खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात PM MODI के साथ” कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। विश्वविद्यालय का कहना है कि युवाओं की व्यापक भागीदारी देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ, सक्रिय और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
