मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक के चेयरमैन अरुण मुरुगप्पन ने पहला पीएम ई-ड्राइव-सर्टिफाईड राइनो 5538 ईवी अल्ट्राटेक सीमेंट को सौंपा
लखनऊ। मुरूगप्पा ग्रुप की इकाई मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने भारत की क्लीन मोबिलिटी यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। कंपनी पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाली देश की पहली हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता बन गई है। इसी क्रम में मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने भारत की सबसे बड़ी सीमेंट एवं रेडी-मिक्स कंक्रीट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को देश का पहला पीएम ई-ड्राइव-सर्टिफाईड इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक ‘राइनो 5538 ईवी (6x4 ट्रैक्टर-ट्रेलर)’ डिलीवर किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न अरुण मुरुगप्पन (चेयरमैन, मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक – टीआई क्लीन मोबिलिटी), जलज गुप्ता (मैनेजिंग डायरेक्टर, मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक) तथा साथिया राज (चीफ प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड) की उपस्थिति में मनाया गया।
इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी ट्रकों को मिलेगा बढ़ावा
कंपनी का मानना है कि इस पहल से लॉजिस्टिक्स, माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी ट्रकों को अपनाने की प्रक्रिया तेज होगी। पारंपरिक ईंधन की तुलना में ये ट्रक बेहतर परफॉर्मेंस, उच्च अपटाइम और बेहतर इकोनॉमिक्स प्रदान करते हैं, जिससे फ्लीट ऑपरेटरों को किसी तरह का समझौता नहीं करना पड़ेगा।
पीएम ई-ड्राइव योजना से मिलेगा बड़ा लाभ
₹10,900 करोड़ की पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-ट्रकों के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राइनो 5538 ईवी पर उपभोक्ताओं को प्रति वाहन ₹9.6 लाख तक का सीधा प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फ्लीट ऑपरेटरों की परिचालन लागत कम होगी, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घटेगा और वे सस्टेनेबिलिटी व उत्सर्जन मानकों का बेहतर अनुपालन कर सकेंगे।
सरकार की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा,पीएम ई-ड्राइव योजना हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में भारतीय नवाचार की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत लॉजिस्टिक्स के डी-कार्बोनाइजेशन के लिए प्रतिबद्ध है और ईवी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।” यह सर्टिफिकेशन स्वच्छ, प्रभावी और भविष्य-अनुकूल फ्रेट मूवमेंट की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
