नमामि कृष्णम ने नृत्य के माध्यम से कर्तव्य, सत्य और कर्म का संदेश दिया
लखनऊ, 15 दिसंबर 2025। भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में अग्रणी सांस्कृतिक संस्था घृताक्षी संगीतशाला के तत्वावधान में रविवार की सायं अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम “नमामि कृष्णम” में नृत्य के माध्यम से कर्तव्य, सत्य और कर्म के शाश्वत मूल्यों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया।संगीत और भावाभिनय से सजे इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुस्कान खत्री के नृत्य निर्देशन में हुआ, जहाँ दिव्या, अरु, वंदिता सहित अन्य कलाकारों ने “गुरूर ब्रह्मा, गुरूर विष्णु” पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर गुरु के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।गुरु नमन के उपरांत रेयांशा, पूर्वी, मेधा, रश्मि, श्रद्धा, छवि, नीरज एवं आकृति ने “नीर भरन कैसे जाऊं” और “मधुवन में राधिका नाची रे” पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अगले चरण में मुस्कान खत्री ने “हे परमेश्वर” पर अपनी नृत्य प्रस्तुति से ईश्वर की महिमा का सजीव चित्रण किया। वहीं मृदुल एवं अक्षय लांबा ने कृष्ण–सुदामा चरित्र का सशक्त भावाभिनय प्रस्तुत कर मित्रता, त्याग और समर्पण का संदेश दिया।इसके उपरांत घृताक्षी संगीतशाला के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत महाभारत लघु नृत्य नाटिका ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताए गए कर्तव्य, सत्य और कर्म के महत्व को कलात्मक रूप में दर्शाया। इस हृदयस्पर्शी प्रस्तुति के पश्चात चित्रांश अस्थाना, मनप्रीत, अर्थव, सूर्यांश एवं संदीप ने अपनी सुमधुर आवाज़ में राग यमन में निबद्ध सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।

गुरु सम्मान समारोह
इस अवसर पर प्रो. मीरा दीक्षित, प्रमोद मिश्रा, जय किशन श्रीवास्तव, रोजी, शिवांगी एवं आलोक शर्मा को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंट कर गुरु सम्मान से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में सतेन्द्र आर्या, मुस्कान खत्री, पंडित आदित्य द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
