राष्ट्रीय पुस्तक मेले में आज सजेगी काव्य की महफिल, साहित्य वीथिका आयोजित करेगी काव्य संध्या

A poetry gathering will be held today at the National Book Fair; 'Sahitya Veethika' will organize the poetry evening.
 
sdfsd

लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026। साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साहित्य वीथिका साहित्यिक सामाजिक संस्था की ओर से शुक्रवार को राष्ट्रीय पुस्तक मेले में भव्य ‘काव्य संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। बलरामपुर गार्डन स्थित पुस्तक मेले में यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होगा। इसमें विभिन्न विधाओं के साहित्यकार और रचनाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं को भाव, संवेदना और विचारों की साहित्यिक दुनिया से रूबरू कराएंगे।

काव्य संध्या में कविता, गीत और ग़ज़ल सहित विभिन्न काव्य विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी। आयोजन का उद्देश्य साहित्यिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के साथ वरिष्ठ और नवोदित रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।

साहित्यकारों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती नमिता सुंदर सचान करेंगी, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में रेवांत पत्रिका की संपादक डॉ. अनीता श्रीवास्तव शामिल होंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती संध्या सिंह और श्रीमती सुरेखा अग्रवाल की उपस्थिति रहेगी।

कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती भावना मौर्य ‘ग़ज़ल’ करेंगी। आयोजन के संयोजक श्री राजेश मेहरोत्रा हैं, जबकि संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष श्रीमती मंजूषा श्रीवास्तव ‘मृदुल’ आयोजन की आयोजक हैं।

साहित्य और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने की पहल

साहित्य वीथिका साहित्यिक सामाजिक संस्था का उद्देश्य साहित्य एवं संस्कृति के प्रति जनमानस में रुचि बढ़ाना, नए और वरिष्ठ रचनाकारों को सशक्त मंच देना तथा साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं का विस्तार करना है।

संस्था की ओर से साहित्यप्रेमियों, रचनाकारों और शहरवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर काव्य संध्या की गरिमा बढ़ाने की अपील की गई है।

कार्यक्रम एक नजर में

  • कार्यक्रम: काव्य संध्या
  • दिनांक: 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
  • समय: शाम 7 बजे से
  • स्थान: राष्ट्रीय पुस्तक मेला, बलरामपुर गार्डन, दूरदर्शन के सामने, लखनऊ
  • आयोजक संस्था: साहित्य वीथिका साहित्यिक सामाजिक संस्था, लखनऊ

संस्थापिका एवं अध्यक्ष: श्रीमती मंजूषा श्रीवास्तव ‘मृदुल’

Tags