वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर लखनऊ में 'अभिनव भारत पार्टी' का राष्ट्रीय अधिवेशन कल, कंप्यूटर बाबा समेत कई संत होंगे शामिल
देशभर से जुटेंगे कार्यकर्ता और साधु-संत
अधिवेशन में सम्मिलित होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आगमन शुरू हो चुका है। इस कार्यक्रम की विशेष बात यह है कि इसमें धार्मिक जगत की प्रमुख हस्तियां भी शिरकत करेंगी। मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री कंप्यूटर बाबा सहित कई वरिष्ठ साधु-संतों के देर रात तक लखनऊ पहुंचने की सूचना है।
चुनावी रणनीति और नए अध्यक्ष की घोषणा
पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव ममता झा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस अधिवेशन के दौरान नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की भावी रणनीति और संगठन विस्तार पर भी गहन चर्चा होगी।
वीर सावरकर के विचारों को दी जाएगी धार
ममता झा ने पार्टी की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभिनव भारत पार्टी, वीर सावरकर के मूल मंत्र— “राजनीति का हिंदूकरण और हिंदुओं का सैनिकीकरण” के वैचारिक आधार पर गठित है। यह संगठन स्वयं को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि चिंतन और क्रांति की धारा से प्रेरित एक मिशन मानता है।
अधिवेशन के मुख्य बिंदु:
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स्थान: प्लूटो हॉल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ।
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समय: 26 फरवरी 2026 (वीर सावरकर पुण्यतिथि)।
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प्रमुख मुद्दे: नए अध्यक्ष का चुनाव, राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रस्ताव और आगामी चुनाव की रणनीति।
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नेतृत्व: वर्तमान अध्यक्ष चेतन शर्मा के मार्गदर्शन में पार्टी राष्ट्रवाद के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।
इस अधिवेशन के माध्यम से अभिनव भारत पार्टी भारतीय राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका और सावरकरवादी विचारधारा को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेगी।
