National Field Archery: जंगल और पहाड़ों के बीच यूपी के तीरंदाजों का सटीक निशाना; राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 4 पदक

National Field Archery: UP Archers Display Precision Amidst Forests and Mountains; Win 4 Medals at National Competition
 
National Field Archery: जंगल और पहाड़ों के बीच यूपी के तीरंदाजों का सटीक निशाना; राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 4 पदक
बाराबंकी/लखनऊ: महाराष्ट्र के वाडा जिले में 'फील्ड आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (Field Archery Association of India) द्वारा आयोजित चार दिवसीय 'फील्ड आर्चरी आउटडोर नेशनल चैंपियनशिप 2026' का शानदार समापन हुआ। 16 मई से 19 मई 2026 तक चली इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों से आए 400 से अधिक धुरंधर तीरंदाजों ने अपना हुनर दिखाया। इस कड़े मुकाबले में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

आर्चरी की सबसे कठिन परीक्षा: जंगल और पहाड़ों में बिना दूरी जाने साधा निशाना

आउटडोर फील्ड आर्चरी को इस खेल के इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण और कठिन माना जाता है।

  • प्रकृति के बीच मुकाबला: यह प्रतियोगिता किसी स्टेडियम में नहीं, बल्कि प्राकृतिक जंगलों और पहाड़ी इलाकों में आयोजित होती है।

  • दूरी का सस्पेंस: यहाँ खिलाड़ियों को पहले से टारगेट (लक्ष्य) की सटीक दूरी पता नहीं होती। उन्हें खुद अंदाजा लगाकर 7 फीट से लेकर 73 मीटर तक की दूरी पर स्थित 28 अलग-अलग ठिकानों पर निशाना साधना होता है। कई बार असमतल भूमि और कठिन ऊंचाइयों पर खड़े होकर भी तीर चलाना पड़ता है।

  • कड़े राउंड्स का इम्तिहान: चार दिनों की इस जंग में पहले दिन “फील्ड राउंड”, दूसरे दिन “हंटर राउंड” और तीसरे दिन “एनिमल राउंड” का आयोजन हुआ, जहां तीरंदाजों को हर राउंड में 4-4 एरो (तीर) शूट करने थे।

io9

उत्तर प्रदेश के इन होनहारों ने गाड़े सफलता के झंडे

इस बेहद जटिल और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा लेने वाली प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के चार तीरंदाजों ने पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया:

  1. शिवम कुमार (रजत पदक): सीनियर कंपाउंड पुरुष वर्ग में सटीक निशाना लगाते हुए शिवम ने सिल्वर मेडल पर कब्जा किया।

  2. वंश पंवार (कांस्य पदक): इसी वर्ग में कड़े संघर्ष के बाद वंश ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

  3. निधि जैन (कांस्य पदक): सीनियर कंपाउंड महिला वर्ग में निधि ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए देश में तीसरा स्थान पाया।

  4. आदित्री शुक्ला (कांस्य पदक): कबस कंपाउंड गर्ल्स वर्ग में नन्हीं तीरंदाज आदित्री ने भी कांस्य पदक जीतकर भविष्य की बड़ी उम्मीद जगाई।

खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन प्रदेश के लिए गौरव" — रामबाबू द्विवेदी

बधाई और शुभकामनाएं: इन खिलाड़ियों की ऐतिहासिक सफलता पर 'इंडोर फील्ड आर्चरी एसोसिएशन' के अध्यक्ष रामबाबू द्विवेदी ने सभी पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतनी कठिन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में ये तीरंदाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का तिरंगा लहराएंगे।

खिलाड़ियों की इस बड़ी उपलब्धि के बाद उनके गृह जनपदों में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों, संघ के पदाधिकारियों, कोच और अभिभावकों ने मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया और सभी होनहारों को उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं दीं।

Tags