ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की राष्ट्रीय बैठक शुरू; 3 महीने में जिला इकाइयां गठित करने का संकल्प, पत्रकार सुरक्षा पर हुई गंभीर चर्चा

National meeting of the Rural Journalists Association begins; pledge taken to form district units within three months; serious discussion held on journalist safety.
 
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विशेष संवाददाता, दिल्ली (17 जून 2026):

देशभर के ग्रामीण और कस्बाई पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित अग्रणी संगठन 'ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन' (ग्रा.प.ए.) की दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक देश की राजधानी दिल्ली में अत्यंत गरिमामयी माहौल में शुरू हो गई है। बैठक के प्रथम सत्र के दौरान संगठन के देशव्यापी विस्तार, राज्यों में पत्रकार सुरक्षा और मीडिया कर्मियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं को लेकर कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के ओजस्वी भाषण से हुआ सत्र का आगाज

इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक के पहले सत्र की शुरुआत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता के ओजस्वी और प्रेरणादायी संबोधन के साथ हुई। उन्होंने ग्रामीण अंचलों में पत्रकारिता की चुनौतियों और संगठन की एकजुटता पर बल दिया। सत्र का समापन राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण चौहान के सारगर्भित भाषण के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने आगामी सांगठनिक रूपरेखा को स्पष्ट किया।

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3 महीने में जिला इकाइयों के गठन का मिला आश्वासन

प्रस्तावित राष्ट्रीय विस्तार नीति पर चर्चा के दौरान विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों, संयोजकों, प्रभारियों और सह-प्रभारियों ने राष्ट्रीय नेतृत्व को आश्वस्त किया कि वे आगामी तीन महीनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय जिला इकाइयों का गठन पूरा कर लेंगे।

इन प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रही चर्चा:

  • पत्रकार उत्पीड़न पर रोक: विभिन्न राज्यों में पत्रकारों के साथ होने वाली दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और इसके खिलाफ कानूनी व सामाजिक स्तर पर आवाज उठाने की रणनीति बनी।

  • सरकारी मान्यता और सुविधाएं: ग्रामीण पत्रकारों को भी महानगरीय पत्रकारों की तर्ज पर राज्य सरकारों से उचित मान्यता, स्वास्थ्य बीमा और अन्य आवश्यक कल्याणकारी सुविधाएं दिलाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने का फैसला लिया गया।

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'संवाद, संपर्क और संघर्ष' का मूल मंत्र

बैठक में संगठन के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए "संवाद, संपर्क और संघर्ष" के नारे को "जय ग्रा.प.ए." के उद्घोष के साथ आत्मसात करने पर बल दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ 'संवाद', आपस में 'संपर्क' और जरूरत पड़ने पर अधिकारों के लिए 'संघर्ष' ही संगठन की मुख्य कार्यशैली होगी।

बैठक में इन दिग्गजों और पदाधिकारियों ने रखे विचार

इस राष्ट्रीय कार्यसमिति में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ पत्रकारों और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से:

  • दिल्ली प्रदेश: प्रदेश अध्यक्ष सुखमाल जैन, उपाध्यक्ष सुनील द्विवेदी, महासचिव सौरभ जैन।

  • उत्तराखंड व हरियाणा: उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार चौधरी, महासचिव सचिन उर्फ टीटू, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष हितेश जिंदल और हरियाणा व उत्तराखंड के प्रभारी डॉ. नरेश पाल सिंह।

  • दक्षिण व मध्य भारत: कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतुल कपूर, तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष एफ.एम. सलीम।

  • बिहार, बंगाल व राजस्थान: बिहार व पश्चिम बंगाल के प्रभारी ओम प्रकाश द्विवेदी और राजस्थान के सह-प्रभारी श्याम सुंदर पाराशर।

  • राष्ट्रीय व विशेष आमंत्रित सदस्य: विकास दत्त मिश्रा (राष्ट्रीय विशेष आमंत्रित सदस्य), इन्द्र कुमार पांचाल (सह-प्रभारी), आरजू सेठ, भानु देव अग्निहोत्री, सौरभ सिंह और संत कुमार भारद्वाज।

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अंगवस्त्र और डायरी भेंट कर हुआ स्वागत

सत्र की सांस्कृतिक और पारंपरिक शुरुआत 'जिला नजर' के संपादक संत कुमार के मधुर स्वागत गीत तथा अतुल कपूर द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती और व्यास वंदना के साथ हुई। इसके बाद, मेजबान दिल्ली प्रदेश समिति ने देश भर से आए सभी अतिथियों और पदाधिकारियों को अंगवस्त्र पहनाकर और डायरी भेंट कर उनका आदर-सत्कार किया।

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