राष्ट्रीय युवा वाहिनी का विस्तार अभियान तेज, कई राज्यों में सक्रिय हुए आनंद भारती
इसी कड़ी में शेखपुरा (बिहार) में आयोजित एक बड़ी जनसभा में आनंद भारती ने युवाओं से जुड़ने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा वाहिनी का उद्देश्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत को वैदिक और सनातन मूल्यों पर आधारित सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस दिशा में गुरुकुल प्रणाली को बढ़ावा देने, नए कार्यालयों के उद्घाटन और युवाओं को संस्कारयुक्त शिक्षा से जोड़ने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
वर्तमान में आनंद भारती का प्रवास झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में जारी है। रांची, शेखपुरा, भागलपुर, श्रावस्ती, गोपालगंज और बाबा बैजनाथ धाम जैसे प्रमुख स्थानों पर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके साथ ही उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में भी संगठन के विस्तार को लेकर प्रयास बढ़ाए गए हैं।
राष्ट्रीय युवा वाहिनी नेशनल वालंटियर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव प्रकाश शुक्ला ने आनंद भारती के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि निकट भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से कार्यकर्ता शामिल होंगे। संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने भी आनंद भारती के समर्पण और सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की है। बताया जा रहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय संस्कृति और सनातन विचारधारा के प्रसार के लिए प्रयासरत हैं।
सनातन परंपरा और उसका महत्व
सनातन केवल एक धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्राचीन भारतीय पद्धति है, जिसमें प्रकृति, नैतिकता, संस्कृति और मानवता का संतुलन शामिल है। इसके संरक्षण के लिए शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। गुरुकुल प्रणाली के जरिए बच्चों में अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का विकास संभव है। राष्ट्रीय युवा वाहिनी का मानना है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा को जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से संगठन देशभर में युवाओं को जोड़कर सांस्कृतिक जागरूकता का अभियान चला रहा है
