नवयुग कन्या महाविद्यालय को नगर निगम ने किया सील, एक घंटे बाद हटाई गई कार्रवाई
लखनऊ: राजेंद्र नगर स्थित प्रतिष्ठित नवयुग कन्या महाविद्यालय को नगर निगम लखनऊ की टीम ने सोमवार सुबह लगभग 7 बजे हाउस टैक्स बकाया के नाम पर सील कर दिया। इस अचानक की गई कार्रवाई से कॉलेज पहुँची छात्राएँ और शिक्षक गेट पर ही खड़े रह गए। लगभग एक घंटे बाद किसी अन्य आदेश के तहत सील हटाकर कॉलेज का गेट पुनः खोल दिया गया। घटना के समय कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रारंभ होने वाली थीं, ऐसे में बिना पूर्व सूचना की गई सीलिंग से भारी अव्यवस्था उत्पन्न हो गई।
इस संबंध में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजुला उपाध्याय से संपर्क नहीं हो सका, किंतु जानकार सूत्रों के अनुसार हाउस टैक्स प्रकरण को लेकर दो दिन पूर्व नगर निगम की एक महिला अधिकारी नमिता अपनी टीम के साथ कॉलेज पहुँची थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग 50 लाख रुपये हाउस टैक्स बकाया न जमा होने पर नाराज़गी व्यक्त की थी और सोमवार को पूरे प्रकरण की फाइल निकलवाने की बात कही थी। इसके बाद ही सोमवार सुबह आनन-फानन में कॉलेज को सील कर दिया गया।
कानूनी स्थिति पर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निगम अधिनियम की धारा 177(ग) के अंतर्गत निजी, सरकारी एवं सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों को हाउस टैक्स से छूट प्राप्त है। इन संस्थानों से केवल फायर टैक्स और वॉटर टैक्स लिया जाता है। यह व्यवस्था वर्षों से लागू रही है।
यदि इस नियम में कोई संशोधन या बदलाव किया गया है, तो उसकी स्पष्ट और पूर्व सूचना संबंधित संस्थानों को दिया जाना आवश्यक है, जो इस मामले में नहीं दी गई।
अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी चिंता
राजधानी लखनऊ में सैकड़ों ऐसे शैक्षणिक संस्थान हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स बकाया संबंधी नोटिस तो भेजे गए हैं, लेकिन ऐसा कोई आदेश या अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि धारा 177(ग) के तहत मिलने वाली छूट समाप्त कर दी गई है।
प्रधानाचार्यों में आक्रोश
नवयुग कन्या महाविद्यालय को बिना सूचना सील किए जाने की घटना को लेकर अनेक स्कूलों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि चलते हुए शैक्षणिक संस्थान को अचानक सील करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई भी प्रतीत होती है।
शैक्षणिक समुदाय ने नगर आयुक्त और महापौर से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
इस संबंध में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजुला उपाध्याय से संपर्क नहीं हो सका, किंतु जानकार सूत्रों के अनुसार हाउस टैक्स प्रकरण को लेकर दो दिन पूर्व नगर निगम की एक महिला अधिकारी नमिता अपनी टीम के साथ कॉलेज पहुँची थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग 50 लाख रुपये हाउस टैक्स बकाया न जमा होने पर नाराज़गी व्यक्त की थी और सोमवार को पूरे प्रकरण की फाइल निकलवाने की बात कही थी। इसके बाद ही सोमवार सुबह आनन-फानन में कॉलेज को सील कर दिया गया।
कानूनी स्थिति पर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निगम अधिनियम की धारा 177(ग) के अंतर्गत निजी, सरकारी एवं सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों को हाउस टैक्स से छूट प्राप्त है। इन संस्थानों से केवल फायर टैक्स और वॉटर टैक्स लिया जाता है। यह व्यवस्था वर्षों से लागू रही है।
यदि इस नियम में कोई संशोधन या बदलाव किया गया है, तो उसकी स्पष्ट और पूर्व सूचना संबंधित संस्थानों को दिया जाना आवश्यक है, जो इस मामले में नहीं दी गई।
अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी चिंता
राजधानी लखनऊ में सैकड़ों ऐसे शैक्षणिक संस्थान हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स बकाया संबंधी नोटिस तो भेजे गए हैं, लेकिन ऐसा कोई आदेश या अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि धारा 177(ग) के तहत मिलने वाली छूट समाप्त कर दी गई है।
प्रधानाचार्यों में आक्रोश
नवयुग कन्या महाविद्यालय को बिना सूचना सील किए जाने की घटना को लेकर अनेक स्कूलों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि चलते हुए शैक्षणिक संस्थान को अचानक सील करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई भी प्रतीत होती है।
शैक्षणिक समुदाय ने नगर आयुक्त और महापौर से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।


