एनसीसी ट्रैकिंग कैंप: कैडेट्स ने किए भगवान विभूतिनाथ के दर्शन, सोहेलवा जंगल का भ्रमण
कैडेटों ने की ट्रैकिंग और पूजा-अर्चना
सोमवार की सुबह कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल के निर्देशन में, सभी निदेशालय के कैडेट्स अपने-अपने ग्रुप के साथ निर्धारित रूट पर ट्रैकिंग के लिए निकले।
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गुजरात निदेशालय के कैडेटों ने विशेष रूप से भगवान विभूतिनाथ मंदिर का दर्शन किया और पूजा-अर्चना की।
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अन्य निदेशालय के कैडेटों ने सोहेलवा के जंगल का भ्रमण किया और वहाँ के प्राकृतिक संसाधनों से रूबरू हुए।
विभूतिनाथ मंदिर का पौराणिक महत्व
कैडेटों को भगवान विभूतिनाथ मंदिर की पौराणिक कथा से परिचित कराया गया।
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यह पांडवकालीन मंदिर श्रावस्ती के सिरसिया में स्थित है और हिमालय की तलहटी में भगवान शिव को समर्पित है।
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महाभारत काल में, पांडवों ने अपने वनवास के दौरान कुछ समय सोहेलवा नामक वन क्षेत्र में बिताया था।
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वनवास के दौरान भीम द्वारा एक गाँव की स्थापना की गई थी, जिसे बाद में नाम बदलते-बदलते भिनगा के नाम से जाना जाने लगा।
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इसी भीम गाँव से उत्तर दिशा में 36 किलोमीटर की दूरी पर हिमालय क्षेत्र में एक शिव आधार शिला रखी गई, जो विभूतिनाथ नाम से प्रसिद्ध हुई।
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इस मंदिर को अत्यंत पवित्र माना जाता है, और सावन के महीने में यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।
ट्रैकिंग कैंप में एडम ऑफिसर कर्नल अनुराग गंजवार, विभिन्न निदेशालयों के एसोसिएट एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट विरल व्यास, 3rd ऑफिसर संदीप सिंह, बटालियन के सूबेदार मेजर बिनय घोष, ट्रेनिंग जेसीओ नन्द सिंह, सूबेदार वसीम अहमद, हवलदार सुमन और धन कुमार आदि उपस्थित रहे।
