NEET 2026 Paper Leak: मास्टरमाइंड मनीषा मंधारे 14 दिन की CBI रिमांड पर, जानें कैसे NTA एक्सपर्ट्स ने ही रच डाला पेपर लीक का चक्रव्यूह
नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। पुणे की रहने वाली बॉटनी टीचर मनीषा को सीबीआई ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इस महाघोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, यह साफ होता जा रहा है कि जिन कस्टोडियंस पर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही लाखों छात्रों के भविष्य का सौदा कर दिया।
इस हाई-प्रोफाइल केस में अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 5 आरोपी अकेले महाराष्ट्र से हैं, जबकि 3 राजस्थान और 1 हरियाणा से है। आइए जानते हैं कि इस पूरे सिंडिकेट में किसने, क्या भूमिका निभाई।
1. मनीषा मंधारे: NTA की एक्सपर्ट ही बन गई 'लीक कांड' की मोहरा
मनीषा गुरुनाथ मंधारे पुणे की एक प्रतिष्ठित सीनियर बॉटनी टीचर हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उन्हें नीट परीक्षा 2026 के लिए आधिकारिक तौर पर एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया था।
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रोल और साजिश: एक्सपर्ट पैनल में होने के कारण मनीषा की पहुंच बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक थी, जिसका कुल भारांक 360 नंबर का होता है।
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सीक्रेट क्लासेज: जांच के अनुसार, मनीषा ने परीक्षा से ठीक पहले अप्रैल के आखिरी हफ्ते में कुछ चुनिंदा छात्रों को पुणे स्थित अपने घर बुलाया। वहाँ एक 'सीक्रेट कोचिंग' के तहत छात्रों की नोटबुक्स में वही सवाल लिखवाए और मार्क करवाए जो 3 मई को होने वाली परीक्षा में आने वाले थे। इसके एवज में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले गए।
2. पीवी कुलकर्णी: रिटायरमेंट के बाद केमिस्ट्री पेपर का सौदा
पीवी कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री के लेक्चरर रह चुके हैं। 4 साल पहले रिटायर होने के बाद वे विभिन्न कोचिंग सेंटर्स में पढ़ा रहे थे। मनीषा की तरह कुलकर्णी को भी एनटीए ने केमिस्ट्री पेपर सेट करने के लिए बतौर एक्सपर्ट आमंत्रित किया था।
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मोडस ऑपेरंडी (काम करने का तरीका): कुलकर्णी को भी अप्रैल के आखिरी हफ्ते में केमिस्ट्री के फाइनल पेपर के सवालों की जानकारी मिल गई थी। उसने अपने घर पर गुप्त कक्षाएं आयोजित कीं और छात्रों को ऑप्शन्स (विकल्पों) के साथ सही जवाब बोल-बोलकर रटवाए।
3. मनीषा वाघमारे: ब्यूटीशियन की आड़ में चलाया नेटवर्क
सीबीआई के मुताबिक, पेपर लीक होने के बाद उसे ग्राहकों (छात्रों) तक पहुँचाने और पैसे वसूलने का सबसे अहम जिम्मा मनीषा वाघमारे का था। मनीषा वाघमारे पेशे से एक ब्यूटीशियन हैं और उनके पति पुणे में एक डेंटिस्ट हैं।
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काउंसिलिंग सेंटर का खेल: अपने पति के क्लिनिक की आड़ में मनीषा एक मेडिकल काउंसलिंग सेंटर चलाती थीं, जिसके जरिए उनकी पहुंच मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके माता-पिता तक सीधे थी।
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राजस्थान से महाराष्ट्र तक कनेक्शन: जब मंधारे और कुलकर्णी ने पेपर लीक किया, तो वाघमारे ने तुरंत धनंजय लोखंडे और शुभम खैरनार जैसे बिचौलियों के साथ मिलकर छात्रों का नेटवर्क तैयार किया। यही से लीक पेपर राजस्थान के बिवाल परिवार और अन्य छात्रों तक ट्रांसफर किया गया।
बैंक खातों से खुला राज: नीट परीक्षा के ठीक पहले और बाद में मनीषा वाघमारे के खातों में देश के अलग-अलग कोनों से अचानक भारी रकम आई। शुरुआती जांच में 20 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। सीबीआई के रडार पर इस समय ऐसे 21 बैंक अकाउंट्स हैं।
डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए फोन
गिरफ्तारी और कार्रवाई के डर से मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे ने अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट्स और मैसेज डिलीट कर दिए थे। हालांकि, सीबीआई ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन डिजिटल सबूतों को जब्त कर लिया है और डिलीटेड डेटा को रिकवर करने के लिए फोन को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिया है। सीबीआई अब उन अन्य एजेंटों की तलाश कर रही है जो इस रैकेट के मुख्य किरदारों के संपर्क में थे।
