नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट द्वारा ‘सत पॉल मित्तल नेशनल अवॉर्ड्स 2025’ की घोषणा

माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने विजेताओं को सम्मानित किया, छात्रों को मिली 1,700 से अधिक छात्रवृत्तियाँ
 
माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने विजेताओं को सम्मानित किया, छात्रों को मिली 1,700 से अधिक छात्रवृत्तियाँ

लखनऊ, 12 नवंबर 2025। समाजसेवा और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट ने लुधियाना में प्रतिष्ठित “सत पॉल मित्तल नेशनल अवॉर्ड्स 2025” प्रदान किए। इस समारोह में भारत सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने देश के विभिन्न कोनों से आए विजेताओं को सम्मानित किया और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ प्रदान कीं।

यह आयोजन ट्रस्ट के संस्थापक स्वर्गीय श्री सत पॉल मित्तल की मानवता, शिक्षा और सामाजिक विकास के प्रति दूरदर्शी सोच को समर्पित रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री राकेश भारती मित्तल ने की।

पुरस्कार और सम्मान


इस वर्ष ‘सत पॉल मित्तल नेशनल अवॉर्ड्स’ के अंतर्गत ‘व्यक्तिगत’ और ‘संस्थागत’ श्रेणियों में कुल पाँच प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया गया। प्रत्येक विजेता को ₹20 लाख के नकद पुरस्कार के साथ सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

शिक्षा के क्षेत्र में विशेष पहल


इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को ₹2 करोड़ से अधिक मूल्य की 1,700 से अधिक छात्रवृत्तियाँ भी प्रदान की गईं। इन छात्रवृत्तियों का उद्देश्य वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट – सेवा और शिक्षा का प्रतीक


वर्ष 1983 में स्थापित नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट शिक्षा, सामाजिक उत्थान और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। ट्रस्ट निरंतर ऐसे कार्यों का समर्थन करता है जो समाज में समानता, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाते हैं। यह आयोजन न केवल सामाजिक योगदानकर्ताओं को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का भी माध्यम बना कि समर्पण और सेवा से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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