निसान की नई रणनीति: अब टियर-1 शहरों से निकलकर ग्राहकों के दरवाजे तक पहुंचेगी कंपनी

Nissan's new strategy: Now the company will reach the doorstep of customers beyond Tier-1 cities.
 
srfdgrst
निसान मोटर इंडिया का यह विस्तार बताता है कि कंपनी अब केवल टियर-1 शहरों में मौजूदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ग्राहकों के 'डोरस्टेप' तक पहुँचने की तैयारी में है। मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में घाटकोपर, मलाड और कांदीवली जैसे प्रमुख इलाकों को चुनना एक बहुत ही सोची-समझी 'Micro-Market' रणनीति लगती है।

1. नेटवर्क का रणनीतिक विस्तार

मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों (Suburbs) को कवर करके निसान ने अपनी पहुँच को संतुलित किया है।

  • घाटकोपर और मलाड: ये दोनों ही इलाके रिहायशी और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहाँ नई कारों की अच्छी मांग रहती है।

  • कांदीवली वर्कशॉप: सर्विस सेंटर का कांदीवली में होना ग्राहकों के 'आफ्टर-सेल्स' अनुभव को बेहतर बनाएगा, क्योंकि मुंबई में ट्रैफिक के बीच सर्विस के लिए दूर जाना ग्राहकों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है।

2. ग्राहकों का भरोसा और 'प्रीमियम' अनुभव

MD सौरभ वत्स और डीलर प्रिंसिपल के. जय राम की बातों से स्पष्ट है कि निसान अब सिर्फ गाड़ी बेचने पर नहीं, बल्कि 'Customer-First Approach' पर ध्यान दे रही है। डिजिटल युग में जब लोग ऑनलाइन रिसर्च करते हैं, तब भौतिक शोरूम (Physical Touchpoints) का होना 'Touch and Feel' और 'Brand Reliability' के लिए आज भी उतना ही जरूरी है।

3. भविष्य की तैयारी

  • निसान मैग्नाइट: इस मॉडल ने निसान को भारतीय बाजार में संजीवनी दी है। नए आउटलेट्स मैग्नाइट की बिक्री को और रफ्तार देंगे।

  • आगामी मॉडल (जैसे ग्रेवाइट): नए शोरूम्स न केवल वर्तमान मॉडलों के लिए हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली बड़ी कारों और SUVs के लिए एक मजबूत मंच तैयार कर रहे हैं।

Tags