विद्यालयों की पेयरिंग पर विपक्ष फैला रहा भ्रम, कोई स्कूल बंद नहीं किया गया: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह
मंत्री ने बताया कि निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा तीन तक मिले सकारात्मक परिणामों के बाद इसे अब कक्षा पांच तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में एक ही परिसर में संचालित 25,578 विद्यालयों के प्रशासनिक एकीकरण का निर्णय लिया गया था। कई स्थानों पर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में अलग-अलग संचालित हो रहे थे, जिसके कारण संसाधनों और शिक्षकों का दोहराव हो रहा था। ऐसे विद्यालयों को कक्षा 1 से 8 तक कंपोजिट विद्यालय के रूप में संचालित करने का निर्णय बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के उद्देश्य से लिया गया।
71 हजार से अधिक बाल वाटिकाएं संचालित
संदीप सिंह ने कहा कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 50 से कम है और जो एक किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं, वहां पेयरिंग का निर्णय लिया गया है, लेकिन उनका यू-डायस (U-DISE) कोड समाप्त नहीं किया गया है। इन परिसरों में वर्तमान में 71,877 बाल वाटिकाएं संचालित की जा रही हैं और उनके लिए नया पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए 19,484 ईसीसीई (ECCE) एजुकेटर्स की नियुक्ति भी की गई है।
ऑपरेशन कायाकल्प से बदली विद्यालयों की तस्वीर
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अधिकांश परिषदीय विद्यालय मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों की आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार किया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में निर्धारित 19 आधारभूत मानकों पर उपलब्ध सुविधाएं वर्ष 2017 में लगभग 36 प्रतिशत थीं, जो अब बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई हैं। इसके अलावा स्मार्ट क्लास के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है तथा शिक्षकों से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मानव संपदा पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।
1.43 करोड़ से अधिक छात्रों का नामांकन
मंत्री के अनुसार, सरकार की पहल से परिषदीय विद्यालयों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 1 करोड़ 43 लाख 34 हजार विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, जिनमें 73.94 लाख बालिकाएं शामिल हैं। विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं और यूनिफॉर्म सहित अन्य आवश्यक सामग्री के लिए डीबीटी (DBT) के माध्यम से प्रति छात्र 1,200 रुपये सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी लाभ
संदीप सिंह ने बताया कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया है। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की गई है, जिससे 12.28 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 11,508 शिक्षकों की भर्ती का अधियाचन भेजा जा चुका है। इसके अलावा श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं तथा प्रत्येक जिले में दो-दो सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालय बंद करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।
