अब डाकघर से भी होगा म्यूचुअल फंड में निवेश, ग्रामीण भारत को मिलेगा बड़ा लाभ

Now investment in mutual funds will be possible through post offices, rural India will get huge benefits
 
Now investment in mutual funds will be possible through post offices, rural India will get huge benefits
भोपाल, 11 फरवरी 2026।   ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों को पूंजी बाजार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए डाक विभाग (डीओपी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर साझेदारी की है। इस संबंध में दोनों संस्थानों के बीच एनएसई एमएफ इन्वेस्ट प्लेटफॉर्म पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस एमओयू पर डाक विभाग की महाप्रबंधकनागरिक केंद्रित सेवाएँ एवं ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल और एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्री श्रीराम कृष्णन ने एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

यह पहल अंत्योदय की भावना को साकार करते हुए देश के अंतिम व्यक्ति तक निवेश की सुविधा पहुँचाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूती देने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।

1.64 लाख डाकघरों से मिलेगा निवेश का रास्ता

इस साझेदारी के तहत इंडिया पोस्ट के देशभर में फैले 1.64 लाख से अधिक डाकघरों (जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में हैं) के माध्यम से आम नागरिक म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे। एनएसई का बिना शुल्क वाला एनएसई एमएफ इन्वेस्ट प्लेटफॉर्म इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से संचालित करेगा।
वर्तमान में भारत में केवल लगभग 10 प्रतिशत घरों तक ही म्यूचुअल फंड की पहुँच है, जबकि म्यूचुअल फंड उद्योग की प्रबंधित संपत्ति 81 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यह पहल इसी अंतर को पाटने का प्रयास है।

निवेशक यात्रा होगी पूरी तरह डिजिटल

डाकघरों में आधार/मोबाइल आधारित ई-केवाईसी, निवेशक ऑनबोर्डिंग, लेनदेन और बैक-ऑफिस इंटीग्रेशन जैसी सभी सुविधाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। एनएसई 2,500 डाक कर्मियों को एनआईएसएम सर्टिफिकेशन और ईयूआईएन रजिस्ट्रेशन भी कराएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमाणित निवेश मार्गदर्शक तैयार होंगे।

दो चरणों में लागू होगी योजना

चरण-I: सरल, सीमित और सुरक्षित निवेश विकल्पों के साथ ‘डू-इट-योरसेल्फ’ (DIY) मॉडल
चरण-II: सभी ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड योजनाएँ, एसटीपी-एसडब्ल्यूपी, लक्ष्य आधारित निवेश, पोर्टफोलियो विश्लेषण और स्थानीय भाषाओं में सहायता

क्या बोले अधिकारी

एनएसई के एमडी एवं सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान ने कहा कि यह साझेदारी छोटे बचतकर्ताओं को संपत्ति निर्माता बनने का अवसर देगी।
डाक विभाग की महाप्रबंधक सुश्री मनीषा बंसल बादल ने कहा कि यह कदम वित्तीय समावेशन को नई ऊँचाई देगा और निवेशकों को सुरक्षित व पारदर्शी विकल्प उपलब्ध कराएगा।
वहीं, एनएसई के सीबीडीओ श्री श्रीराम कृष्णन ने भरोसा दिलाया कि तकनीकी और संचालन संबंधी सभी जिम्मेदारियाँ एनएसई निभाएगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

इस पहल से डाकघरों और ग्रामीण डाक सेवकों को कमीशन आधारित नई आय, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी तथा ग्रामीण भारत में दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

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