फील्ड पर उतरें अधिकारी, किसी श्रद्धालु को न सहनी पड़े असुविधा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन तथा मेला क्षेत्र में प्रवेश-निकास की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले और सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान एवं पूजा कर सकें।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के अवसर पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल तथा महिला सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध और अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी महिला श्रद्धालु को असुविधा या भय का सामना न करना पड़े, यह प्रशासन सुनिश्चित करे।
नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में स्वच्छता अभियान को तेज किया जाए, विशेष रूप से मलिन बस्तियों में व्यापक साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे संक्रामक रोगों की संभावना रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
भीषण शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव जलाने, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने के लिए विवश न हो। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और जरूरतमंदों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वरिष्ठ अधिकारी आज रात्रि में ही मेला स्थल का निरीक्षण करें और अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दें। नदी में तेज बहाव या अधिक गहराई वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कोई भी नाविक श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न वसूले।
उन्होंने तीर्थ स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर नाव परिचालन में मनमानी किराया वसूली तथा होटलों द्वारा अनियमित शुल्क वसूली को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड पर उतरकर यह सुनिश्चित करें कि ऐसी कोई शिकायत न मिले।
मुख्यमंत्री ने संगठनों के नाम पर अराजकता फैलाने, गुंडागर्दी करने या प्रशासन पर दबाव बनाने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आम नागरिक को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों को बाढ़ बचाव योजना के संबंध में अगले 10 दिनों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा इसे मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव के माध्यम से सूचित करने को कहा।
भूमि कब्जा करने वाले माफिया और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की भूमि और संपत्ति की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जिला स्तर पर नियमित जनसुनवाई आयोजित कर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों के समीप स्थायी हेलीपैड के लिए भूमि चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भरता न रहे।
साथ ही, सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या को देखते हुए अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और वेंडरों को हटाकर निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए, जिससे यातायात सुचारू हो और आमजन को जाम से राहत मिले। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनी रहे।
