नशे में वाहन चलाने के खिलाफ 23 अक्टूबर को जागरूकता अभियान, पदयात्रा और नुक्कड़ नाटकों से दिया जाएगा सड़क सुरक्षा का संदेश

लखनऊ में उपभोक्ता अधिकार संगठन करेगा जन-जागरूकता कार्यक्रम, विभिन्न हितधारकों के साथ सड़क सुरक्षा पर होगा संवाद

 
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लखनऊ। शराब और अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लखनऊ में एक दिवसीय जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संगठन कंज्यूमर वॉयस और लखनऊ के उपभोक्ता अधिकार संगठन कंज्यूमर गिल्ड की ओर से जननायक सुजीत पांडेय चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से यह अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के तहत पदयात्रा, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे की हालत में वाहन चलाने के गंभीर परिणामों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही, सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कंज्यूमर वॉयस के परियोजना सलाहकार हेमंत उपाध्याय ने कहा कि शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं को जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर रोका जा सकता है। इससे न केवल चालक, बल्कि वाहन में सवार यात्रियों, पैदल चलने वालों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित वाहन चालन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर जन-जागरूकता, कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन और सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। इसमें युवाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अभियान का उद्देश्य लोगों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना और लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने पर रहेगा जोर

यह अभियान उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की गंभीर स्थिति के बीच आयोजित किया जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में देशभर में शराब और/या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाने के कारण 9,143 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इनमें 3,674 लोगों की मौत हुई और 8,421 लोग घायल हुए।

पदयात्रा और नुक्कड़ नाटकों से करेंगे जागरूक

अभियान की शुरुआत सुबह 7:30 बजे से 10 बजे तक आयोजित पदयात्रा से होगी। पदयात्रा पांडेय कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर आसपास के क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

इसके अलावा, सड़क सुरक्षा का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने के लिए मोहनलालगंज बाजार और बलरामपुर अस्पताल के मुख्य द्वार पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के जरिए नशे में वाहन चलाने के खतरों, यातायात नियमों के पालन और सड़क पर सतर्कता बरतने के महत्व को रेखांकित किया जाएगा।

हितधारकों के साथ होगा जन-संवाद

अभियान का मुख्य कार्यक्रम द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र में आयोजित किया जाएगा। यहां हितधारकों और आम नागरिकों के साथ संवाद के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने से जुड़े जोखिमों, सड़क सुरक्षा की चुनौतियों, यातायात एवं सड़क सुरक्षा कानूनों के पालन और दुर्घटनाओं की रोकथाम के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा होगी।

कार्यक्रम में संबंधित सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों, सड़क सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, यातायात और कानून प्रवर्तन एजेंसियों, उद्योग जगत, मीडिया, नागरिक समाज संगठनों तथा उपभोक्ता समूहों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की अपेक्षा है।

इस संवाद का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के अनुभवों और सुझावों को साझा मंच पर लाकर सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक उपायों को प्रोत्साहित करना है। आयोजकों के अनुसार, जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से लोगों को सुरक्षित वाहन चालन के प्रति प्रेरित करना अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।

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