12 सितंबर को जुंडला में गूंजेंगे संतों के वचन, सतगुरु रविदास सरोवर में होगा विशाल संत समागम
इसी सिलसिले में रविवार को सतगुरु रविदास सरोवर परिसर में मिशन कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र मुड़े ने की। राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मदान और राष्ट्रीय महासचिव सलिंद्र मदान ने कार्यक्रम की तैयारियों एवं विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की।बैठक में सतगुरु रविदास जागृति मिशन के संस्थापक आचार्य सुनील दास विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संत समागम की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सेवा भाव से निभाएं जिम्मेदारी : आचार्य सुनील दास
आचार्य सुनील दास ने कहा कि 12 सितंबर का दिन सतगुरु रविदास सरोवर और मिशन से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत के अलावा साधु-संतों और महात्माओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रत्येक कार्यकर्ता को सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि किसी श्रद्धालु या संत-महात्मा को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बैठने, पेयजल, भोजन, पार्किंग, यातायात, साफ-सफाई और सुरक्षा समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए। बाहर से आने वाली संगत को मार्ग से लेकर कार्यक्रम स्थल तक किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें गठित कर जिम्मेदारियां तय करने पर भी जोर दिया गया।
आचार्य सुनील दास ने कहा कि संतों और संगत का सम्मान एवं सेवा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं समानता, भाईचारे, मानवता और बेगमपुरा की अवधारणा पर आधारित हैं। इसलिए संत समागम का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि संतों के विचारों और गुरु रविदास जी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि समागम को अनुशासन, सेवा और भाईचारे की भावना के साथ सफल बनाया जाए।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों के पहुंचने की संभावना
बैठक में कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले अतिथियों को लेकर भी चर्चा हुई। मिशन पदाधिकारियों के अनुसार राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग एवं नेता संत समागम में पहुंचकर सतगुरु रविदास जी के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर सकते हैं। इसे देखते हुए अतिथियों, संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई।
बैठक में कमेटी के पदाधिकारियों ने अपने-अपने दायित्वों और तैयारियों की जानकारी दी। सदस्यों ने आश्वासन दिया कि समागम में आने वाली संगत की सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सह संचालक राजबीर धनिया, राष्ट्रीय सचिव राजेश पाढ़ा, प्रदेश प्रभारी ज्ञानी राजेंद्र दास मेहरा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतीश जानी, सुशील भाना, कोषाध्यक्ष अशोक भोरिया, संजय भोला, गौरव धनिया, दीप भोला, प्रिंस मदान, सुरेश भोला, कृष्ण धनिया, सुरेंद्र पोड़िया, सुरेश भोला सहित मिशन कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
मिशन पदाधिकारियों ने बताया कि 12 सितंबर को सतगुरु रविदास सरोवर जुंडला में होने वाला संत समागम श्रद्धा, सेवा और संत-वाणी का भव्य संगम होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियों को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है।
