गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा सम्पन्न, साहित्यकार हुए सम्मानित
लखनऊ, 25 जनवरी 2026। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर एक भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ नगर मजिस्ट्रेट श्री ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार डॉ. सुल्तान शकीरा हाशमी ने की।इस अवसर पर चीफ वार्डेन श्री अमरनाथ मिश्रा द्वारा वर्ष 2026 के विभिन्न साहित्यिक सम्मानों से साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले साहित्यकार इस प्रकार हैं—

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श्रीमती सरला शर्मा (आस्मां) — सुभद्रा कुमारी चौहान सम्मान 2026
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श्रीमती रूपा पाण्डेय (सतरूपा) — मीराबाई सम्मान 2026
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श्री फैज़ खुमार, बाराबंकी — कैफ़ी आज़मी सम्मान 2026
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सुश्री रुबीना अयाज — सरोजिनी नायडू सम्मान 2026
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सुश्री श्वेता शुक्ला — अमृता प्रीतम सम्मान 2026
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डॉ. जुबैर अंसारी — मजरूह सुल्तानपुरी सम्मान 2026
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डॉ. सुल्तान शकीरा हाशमी — मुंशी प्रेमचंद सम्मान 2026
कवि सम्मेलन में देशभक्ति, संविधान और राष्ट्रीय एकता पर आधारित रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कवित्री श्वेता शुक्ला ने पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं—
“ये तिरंगा शान से फहरे, कभी अड़चन न आए,
नाम न हो देश का ऐसा कोई धड़कन न आए…”

कवित्री रूपा पाण्डेय ने वंदे मातरम् की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा—
“बंकिम की लेखनी को करें शत-शत नमन हम,
डेढ़ सौ साल का हो गया हमारा वंदे मातरम्।”
कवि डॉ. जुबैर अंसारी ने गणतंत्र दिवस पर अपनी रचना में भाईचारे और संविधान की भावना को उकेरा—
“सारे धर्मों का एहतिराम करें,
जग में हिंदोस्तां का नाम करें…”
कवि फैज़ खुमार बाराबंकवी ने अपनी पहचान और विरासत पर गर्व व्यक्त किया, जबकि अध्यक्षीय काव्य पाठ में डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी ने कहा—
“छब्बीस जनवरी की अलग शान है,
सच पूछिए तो नाज़िश-ए-हिंदुस्तान है।”
कार्यक्रम में चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा, गुरप्रीत सिंह सेठी, स्टाफ ऑफिसर टू चीफ वार्डेन ऋतुराज रस्तोगी, वरिष्ठ उपनियंत्रक मनोज वर्मा, एडीसी श्रीमती रेखा पाण्डेय, ममता रानी, आजाद नफीस, डिविजनल वार्डेन सुनील कुमार शुक्ला, नफीस अहमद, संजय जौहर, डिप्टी डिविजनल वार्डेन रामगोपाल सिंह, मुशीर अहमद, राजेन्द्र श्रीवास्तव, मजीद खान, इमरान कुरैशी सहित सैकड़ों वार्डेन एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम देशभक्ति, साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना के संदेश के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
