शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने पेश की मानव सेवा की मिसाल, 15 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
लखनऊ, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा का संदेश देते हुए विशेष रक्तदान कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल परिवार और समाज से जुड़े 15 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद का संकल्प दोहराया।
बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जरूरतमंदों की सहायता की भावना विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी विचार के साथ शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या को सेवा और समर्पण के अवसर के रूप में मनाया गया।
अंकुर माथुर ने 56वीं बार किया रक्तदान
रक्तदान कार्यक्रम में संस्था के प्रबंधक श्री अंकुर माथुर ने अपना 56वां स्वैच्छिक रक्तदान किया। वहीं बालाजी का बचपन स्कूल की कक्षा 7 की छात्रा सिमरत कौर के अभिभावक श्री राजा सिंह ने 57वीं बार रक्तदान कर सेवा की मिसाल पेश की।
इसके अलावा विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल श्रीमती अल्पना कौर, बालाजी एकेडमी की प्रधानाचार्या श्रीमती आना खान, अध्यापिका सुश्री हदिया अकरम, संस्था के सदस्य श्री फज़ल, श्री अनूप, श्री लवकुश, समाजसेवी मनीष कुमार, तथा श्री अमन, श्री अरशद, श्री अर्जुन शुक्ला, श्री ओंकार यादव, श्री राम मनोहर और श्री मोनू गुप्ता ने भी स्वेच्छा से रक्तदान किया।
थैलेसीमिया मरीजों के लिए हर माह उपलब्ध कराया जाता है रक्त
संस्था के प्रबंधक श्री अंकुर माथुर ने बताया कि बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स की सामाजिक सेवा गतिविधियों में थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों की सहायता भी महत्वपूर्ण पहल है। संस्था की ओर से प्रत्येक माह थैलेसीमिया मरीजों के लिए दो यूनिट रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में संस्था अपनी क्षमता के अनुसार लगातार सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं की भी मदद
बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स की ओर से जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को रक्त उपलब्ध कराने और रक्तदान के माध्यम से सहयोग करने की पहल भी की जाती है। प्रसव के दौरान अचानक रक्त की जरूरत पड़ने पर समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। संस्था का प्रयास है कि ऐसे संवेदनशील समय में जरूरतमंद परिवारों को यथासंभव सहायता मिल सके।
संस्था से जुड़े लोगों ने कहा कि रक्त किसी कारखाने में तैयार नहीं किया जा सकता। इसकी उपलब्धता स्वस्थ और जागरूक रक्तदाताओं के स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर करती है। इसलिए समाज के स्वस्थ लोगों को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी बनाने का संदेश
बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स परिवार का कहना है कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है। इसी भावना के साथ संस्थान रक्तदान को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर निरंतर चलने वाली सामाजिक सेवा के रूप में बढ़ावा दे रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को भी नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने तथा समाज में मानवीय संवेदना और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
चिकित्सा टीम के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स परिवार ने सभी 15 रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके योगदान को अमूल्य बताया। संस्था ने भविष्य में भी थैलेसीमिया पीड़ितों, जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों की सहायता के लिए रक्तदान तथा जनहितकारी गतिविधियों को जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के अध्यक्ष श्री रविन्द्र माथुर ने रक्तकोष प्रभारी डॉ. बी.पी. सिंह, जिला परामर्श अधिकारी श्री पंकज कुमार और समस्त चिकित्सा स्टाफ का विशेष आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान बालाजी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सदस्य गौरव तिवारी, फजल, मोहम्मद सलीम, अद्भुत सिंह, पीयूष मौर्य, रंजीत ठाकुर और आशीष चौरसिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
