ग्लोबल एग्रोटेक 2026 के पहले दिन बी.एल. एग्रो ने प्रस्तुत की अपनी विविध क्षमताओं की विस्तृत श्रृंखला
लखनऊ, 26 फरवरी: भारत के अग्रणी एग्रो-उत्पाद ब्रांड बी.एल. एग्रो ने गुरुवार को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ISRI) में आयोजित ‘ग्लोबल एग्रोटेक 2026’ प्रदर्शनी एवं सम्मेलन के पहले दिन अपनी विविध क्षमताओं की विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों, शोध संस्थानों, उद्योग जगत के नेताओं और प्रगतिशील किसानों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। उद्घाटन समारोह में माननीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उद्यान, कृषि विपणन एवं निर्यात दिनेश प्रताप सिंह तथा प्रमुख सचिव, कृषि रविंदर भी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बी.एल. एग्रो ग्रुप के पवेलियन का उद्घाटन किया। उन्हें कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, एकीकृत वैल्यू चेन, डेयरी विकास, वैज्ञानिक जेनेटिक्स एवं जीनोमिक्स, एग्रीटेक प्लेटफॉर्म तथा क्लाइमेट-टेक आधारित जोखिम प्रबंधन ढाँचों सहित समूह की पहलों की जानकारी दी गई। समूह की सहायक कंपनियाँ — Leads Connect, Leads Genetics और Leads Insurance Brokers — ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जो कृषि की एकीकृत मूल्य श्रृंखला में समूह की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
इस अवसर पर ब्रजेश पाठक ने कहा, “उत्तर प्रदेश कृषि उन्नति और खाद्य प्रसंस्करण उत्कृष्टता का तेजी से उभरता केंद्र बन रहा है। बी.एल. एग्रो जैसी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी राज्य की एग्री-इनोवेशन, वैल्यू एडिशन और किसान सशक्तिकरण में बढ़ती ताकत को दर्शाती है।”माननीय मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, “यह भारतीय कृषि के अगले विकास चरण की दिशा में एक ऐतिहासिक क्षण है। उत्तर प्रदेश देश के कृषि उत्पादन में अग्रणी है। सतत कृषि के लिए सफल पीपीपी मॉडल ही आगे का मार्ग है।”
कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए बी.एल. एग्रो एवं ICFA UPSAC के चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल ने कहा, “ग्लोबल एग्रोटेक 2026 भारतीय कृषि के लिए एक मील का पत्थर है। यह क्षेत्र भारतीय जीडीपी और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आज हमने कृषि मूल्य श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, डेयरी आधुनिकीकरण, एग्री-फाइनेंस की पहुंच और प्रौद्योगिकी-सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र के विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।”
उद्घाटन दिवस पर ‘उत्तर प्रदेश कृषि विकास बैठक’ का आयोजन होटल रेडिसन, लखनऊ में किया गया, जिसकी अध्यक्षता घनश्याम खंडेलवाल ने की। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मुकेश कुमार मेश्राम भी उपस्थित रहे। साथ ही कोट डी’आइवोर, क्यूबा, स्पेन और ब्राजील के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
डेयरी क्षेत्र के रूपांतरण पर विशेष चर्चा के दौरान ब्राज़ील की अग्रणी डेयरी जेनेटिक्स एवं फार्म मैनेजमेंट कंपनी Fazenda Floresta के संस्थापक Rogerio Barros एवं Roberta Bertin Barros ने वैज्ञानिक प्रजनन, जीनोमिक्स और उन्नत प्रजनन तकनीकों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा स्वदेशी नस्लों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। ‘ग्लोबल एग्रोटेक 2026’ का यह आयोजन उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा एकीकृत, प्रौद्योगिकी-सक्षम और बुद्धिमत्ता-आधारित कृषि व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
