विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को नई दिशा: सुएज इन इंडिया ने भरवारा एसटीपी पर महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर किया वृक्षारोपण

New direction to 'one tree mother's name' campaign on World Environment Day: Suez in India planted trees with women self -help groups on Bharwara STP
 
महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से संवरता पर्यावरण कार्यक्रम का संचालन वन सिटी वन ऑपरेटर योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें सुएज इन इंडिया की ओर से चुने गए महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए, लेकिन सिंदूर का पौधा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। SHG की महिलाओं ने इस पौधे को मातृत्व, संस्कृति और प्रकृति के प्रतीक के रूप में भावनात्मक जुड़ाव के साथ लगाया।  🗣️ परियोजना निदेशक ने साझा किया भावनात्मक संदेश सुएज इन इंडिया के परियोजना निदेशक श्री राजेश मठपाल ने इस पहल पर बोलते हुए कहा:  “‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल एक पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि यह मातृत्व और प्रकृति के प्रति हमारी गहरी कृतज्ञता का प्रतीक है। महिला समूहों की भागीदारी इस प्रयास को और भी सार्थक बनाती है। सुएज इन इंडिया इस नेक उद्देश्य में पूर्ण सहयोग देता रहेगा।”  👥 सामूहिक प्रयास से बनेगा हरियाली और सशक्तिकरण का मॉडल इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में सुएज इन इंडिया, सूडा और डूडा के अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस प्रयास ने भरवारा एसटीपी को एक जीवंत उदाहरण बना दिया है कि जब सरकारी संस्थाएं, निजी संगठन और आमजन मिलकर काम करें, तो पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे लक्ष्य न केवल पूरे किए जा सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव भी लाया जा सकता है।

लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए पर्यावरणीय अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ को ज़मीन पर उतारते हुए सुएज इन इंडिया, सूडा (SUDA) और डूडा (DUDA) ने लखनऊ में मिलकर एक प्रेरणादायक पहल की। इस संयुक्त प्रयास के तहत भरवारा एसटीपी परिसर में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से संवरता पर्यावरण

कार्यक्रम का संचालन वन सिटी वन ऑपरेटर योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें सुएज इन इंडिया की ओर से चुने गए महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए, लेकिन सिंदूर का पौधा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। SHG की महिलाओं ने इस पौधे को मातृत्व, संस्कृति और प्रकृति के प्रतीक के रूप में भावनात्मक जुड़ाव के साथ लगाया।

 परियोजना निदेशक ने साझा किया भावनात्मक संदेश

सुएज इन इंडिया के परियोजना निदेशक श्री राजेश मठपाल ने इस पहल पर बोलते हुए कहा:“‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल एक पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि यह मातृत्व और प्रकृति के प्रति हमारी गहरी कृतज्ञता का प्रतीक है। महिला समूहों की भागीदारी इस प्रयास को और भी सार्थक बनाती है। सुएज इन इंडिया इस नेक उद्देश्य में पूर्ण सहयोग देता रहेगा।”

 सामूहिक प्रयास से बनेगा हरियाली और सशक्तिकरण का मॉडल

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में सुएज इन इंडिया, सूडा और डूडा के अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस प्रयास ने भरवारा एसटीपी को एक जीवंत उदाहरण बना दिया है कि जब सरकारी संस्थाएं, निजी संगठन और आमजन मिलकर काम करें, तो पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे लक्ष्य न केवल पूरे किए जा सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव भी लाया जा सकता है।

Tags