वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ बना हरित बदलाव का जनआंदोलन, 23 अगस्त को छठे चरण का शुभारंभ
नई दिल्ली, अगस्त। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संत निरंकारी मिशन लगातार व्यापक स्तर पर प्रयास कर रहा है। मिशन की पर्यावरण संरक्षण पहल ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ अब देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। इसका उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है।
संत निरंकारी मिशन के अनुसार, बाबा हरदेव सिंह जी का संदेश ‘प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं’ आज भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणा देता है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मिशन प्रकृति संरक्षण को जीवन-मूल्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।
2021 में शुरू हुई थी पहल
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से अगस्त 2021 में शुरू हुई इस पहल का लगातार विस्तार हो रहा है। मिशन का लक्ष्य प्रकृति के साथ मनुष्य के आत्मीय संबंध को मजबूत करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं संतुलित वातावरण तैयार करना है।
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में अब तक करीब 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु और स्वयंसेवक लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण में जुटे हैं।

23 अगस्त को छठे चरण की शुरुआत
इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से 23 अगस्त को ‘वननेस वन’ अभियान के छठे चरण का शुभारंभ किया जाएगा। देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 630 स्थानों पर एक साथ अभियान आयोजित करने की तैयारी है।
इस चरण के दौरान मिशन से जुड़े श्रद्धालु और स्वयंसेवक करीब 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। अभियान के जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
पौधारोपण के बाद भी जारी रहेगा संरक्षण
‘वननेस वन’ अभियान की खास बात यह है कि मिशन पौधे लगाने के बाद उनकी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटता। लगाए गए पौधों की तीन से पांच वर्षों तक नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया गया है। उद्देश्य है कि पौधे विकसित होकर छोटे घने वन का रूप लें और स्थानीय जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में योगदान दें।
आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का संकल्प
जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के दौर में पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। संत निरंकारी मिशन का यह अभियान लोगों को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और जिम्मेदार जीवनशैली का संदेश देता है।
‘वननेस वन’ का संदेश यही है कि एक पौधा लगाना शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना जिम्मेदारी और प्रकृति को सुरक्षित रखना सामूहिक कर्तव्य है। मिशन का यह अभियान समाज को हरित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहा है।
