ऑनलाइन गेम की लत: बच्चों और युवाओं के भविष्य पर मंडराता ख़ामोश ख़तरा

Online game addiction: A silent threat to the future of children and youth
 
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(डॉ. पंकज भारद्वाज – विभूति फीचर्स)
आज ऑनलाइन गेम केवल समय बिताने का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि कई मामलों में वे बच्चों और युवाओं के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। जीत-हार, लेवल, वर्चुअल पहचान और अनदेखी प्रतिस्पर्धा के दबाव में अनेक बच्चे वास्तविक दुनिया से कटते चले जाते हैं। धीरे-धीरे पढ़ाई, परिवार, दोस्त और जिम्मेदारियाँ पीछे छूटने लगती हैं।

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कैसे बनती है लत?

ऑनलाइन गेम इस तरह डिज़ाइन किए जाते हैं कि खिलाड़ी बार-बार लौटे। इनाम, चुनौतियाँ, काउंटडाउन और रैंकिंग सिस्टम मस्तिष्क में डोपामिन की प्रतिक्रिया को बढ़ाते हैं। किशोरावस्था में निर्णय क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए बच्चे और युवा इस चक्र में जल्दी फँस जाते हैं। लंबे समय तक स्क्रीन पर रहने से नींद की कमी, चिड़चिड़ापन, एकाकीपन, चिंता और अवसाद जैसे लक्षण उभर सकते हैं।

परिवार और समाज की भूमिका

अक्सर माता-पिता यह मान लेते हैं कि बच्चा मोबाइल पर “सिर्फ खेल” रहा है। लेकिन समय पर संवाद न होना, भावनात्मक दूरी और डिजिटल निगरानी की कमी समस्या को और गंभीर बना देती है। ज़रूरत है कि परिवार बच्चों से खुलकर बात करे, उनके दोस्तों, रुचियों और ऑनलाइन गतिविधियों में वास्तविक दिलचस्पी दिखाए।

कुछ ज़रूरी कदम उठाएँ

बच्चों के लिए स्क्रीन-टाइम की स्पष्ट सीमा तय करें।
गेम के कंटेंट और आयु-उपयुक्तता पर ध्यान दें।
घर में डिजिटल-डिटॉक्स का समय तय हो—खाने, पढ़ाई और सोने से पहले।
खेल, संगीत, किताबें और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दें।
स्कूलों में डिजिटल साक्षरता और मानसिक स्वास्थ्य पर नियमित सत्र आयोजित हों।
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर आयु-सीमा, चेतावनी संदेश, समय-सीमा अलर्ट और जोखिमपूर्ण कंटेंट पर सख़्त नियंत्रण आवश्यक है। साथ ही, स्कूल-कॉलेज स्तर पर काउंसलिंग सुविधाओं का विस्तार समय की माँग बन चुका है।
ऑनलाइन गेम्स के कारण सामने आ रही दुखद घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि तकनीक का अंधाधुंध उपयोग हमें किस दिशा में ले जा रहा है। बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए परिवार, स्कूल, समाज और सरकार—सभी को मिलकर सतर्क, संवेदनशील और सक्रिय होना होगा। मनोरंजन और लत के बीच की रेखा पहचानना और समय रहते हस्तक्षेप करना ही ऐसी त्रासदियों को रोक सकता हैSnnsne image widget EnneneSnnsne image widget

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