जियो और जीने दो” का सिद्धांत ही टाल सकता है विश्व युद्ध: आचार्य श्रुत सागर
शाहदरा, दिल्ली | 31 मार्च 2026
अनंत करुणा और अहिंसा के महान संदेशवाहक, 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक के उपलक्ष्य में शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के छोटा बाजार स्थित जैन मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्रुत सागर जी महाराज ने वैश्विक शांति के लिए महावीर के सिद्धांतों को एकमात्र मार्ग बताया।
महावीर का संदेश: वैश्विक संघर्षों का समाधान
आचार्य श्रुत सागर जी ने अपने संदेश में वर्तमान वैश्विक हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जब दुनिया अमेरिका, इजराइल और ईरान जैसे देशों के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों और अशांति की ओर बढ़ रही है, तब केवल भगवान महावीर का 'जियो और जीने दो' का सिद्धांत ही मानवता की रक्षा कर सकता है। उन्होंने कहा सच्ची विजय बाहरी सीमाओं को जीतना नहीं, बल्कि अपने भीतर के क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार पर विजय पाना है। महावीर का मार्ग केवल एक धर्म का नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के कल्याण का मार्ग है।"
भव्य रथयात्रा: पुष्प वर्षा से महक उठा शाहदरा
महोत्सव के समापन अवसर पर शाहदरा के बाजारों में एक विशाल और भव्य रथयात्रा निकाली गई।
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मार्ग: रथयात्रा छोटा बाजार जैन मंदिर से शुरू होकर सर्कुलर रोड, फर्श बाजार, बड़ा बाजार, बाबू राम स्कूल और शालीमार पार्क होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंची।
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आकर्षण: हाथी, घोड़े, बैंड-बाजे और स्कूली बच्चों के साथ अहिंसा का संदेश देती झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान महावीर के रथ का स्वागत किया और आरती उतारी।
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अभिषेक: धर्मसभा स्थल पर पहुँचने के बाद क्षुल्लिका पूजा भूषण व भक्ति भूषण माता जी के सानिध्य में भगवान महावीर का मंगल अभिषेक किया गया।
समाज और राजनीति के दिग्गजों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
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विधायक संजय गोयल, पूर्व पार्षद निर्मल जैन, और भाजपा शाहदरा जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष विपिन जैन मौजूद रहे।
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समाज के प्रधान रमेश जैन, मंत्री राकेश जैन, कोषाध्यक्ष पंकज जैन, और जैन युवा मंच से मोहित जैन व तरुण जैन सहित संदीप जैन (अध्यक्ष, स्याद्बाद युवा क्लब) ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
27 मार्च से शुरू हुए इस पांच दिवसीय महोत्सव ने शाहदरा जैन समाज के बीच एकता और धार्मिक उत्साह का संचार किया है। आचार्य श्री के सानिध्य में भक्तों ने सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के दिव्य मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
