अंगदान करने वाले परिवारों को मिलेगा ‘जीवनदाता परिवार सम्मान 2026’

28 नवंबर को इंदौर में होगा आयोजन, अंगदान के लिए प्रेरित करने वाले लोगों और चिकित्सा क्षेत्र के सेवाभावियों को भी किया जाएगा सम्मानित
 
अंगदान करने वाले परिवारों को मिलेगा ‘जीवनदाता परिवार सम्मान 2026’

इंदौर, नवंबर 2026। किसी प्रियजन को खोने का दुख अपार होता है, लेकिन ऐसे कठिन समय में लिया गया एक संवेदनशील निर्णय किसी दूसरे व्यक्ति और उसके परिवार के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। अंगदान इसी मानवीय भावना का प्रतीक है, जिसके जरिए मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद को जीवन जीने का अवसर मिल सकता है। इसी सेवा, साहस और संवेदना को सम्मान देने के लिए संस्था ‘2030 का भारत’ आगामी 28 नवंबर को ‘जीवनदाता परिवार सम्मान 2026’ आयोजित करने जा रही है।

इस समारोह में उन परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने किसी प्रियजन के निधन के बाद अंग या टिश्यू दान करने की सहमति देकर दूसरों को जीवन की नई राह दी। इसके साथ ही अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने वाले व्यक्तियों और इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉक्टरों, सर्जनों, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स, काउंसलर्स तथा स्वास्थ्यकर्मियों को भी सम्मान दिया जाएगा।

तीन श्रेणियों में दिए जाएंगे सम्मान

आयोजकों के अनुसार, सम्मान समारोह में तीन प्रमुख श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहली श्रेणी ‘जीवनदाता परिवार सम्मान’ उन परिवारों के लिए है, जिन्होंने अपने प्रियजन के निधन के बाद अंग या टिश्यू दान का निर्णय लिया।

दूसरी श्रेणी ‘जीवन प्रेरणा सम्मान’ के तहत उन व्यक्तियों और परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अंगदान के बारे में सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने, भ्रांतियां दूर करने और समाज को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

तीसरी श्रेणी ‘जीवन सारथी सम्मान’ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े उन लोगों और टीमों के लिए होगी, जिन्होंने अंगदान और अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें डॉक्टर, सर्जन, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर, काउंसलर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे।

अंगदान पर घर-घर में चर्चा जरूरी: डॉ. अतुल मलिकराम

‘2030 का भारत’ के संस्थापक डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि किसी अपने को खोने का दर्द बेहद गहरा होता है। इसके बावजूद जो परिवार अपने प्रियजन के जाने के बाद किसी दूसरे की जिंदगी बचाने का फैसला लेते हैं, वे मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल ऐसे परिवारों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उनके साहस और संवेदनशीलता की कहानियों को समाज तक पहुंचाना भी है।

डॉ. मलिकराम के अनुसार, अंगदान के महत्व को लेकर हर घर में बातचीत होनी चाहिए, ताकि लोग इस विषय को समझें और जरूरत पड़ने पर सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। किसी व्यक्ति के जाने के बाद भी उसके अंग किसी दूसरे के लिए जीवन की उम्मीद बन सकते हैं।

जागरूकता और भ्रांतियों को दूर करने की पहल

संस्था का मानना है कि अंगदान सिर्फ चिकित्सा से जुड़ी प्रक्रिया नहीं, बल्कि परिवार, समाज और मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा विषय है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव और विभिन्न भ्रांतियों के कारण कई लोग इस पर खुलकर चर्चा नहीं कर पाते। ऐसे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है।

‘जीवनदाता परिवार सम्मान 2026’ के जरिए संस्था अंगदान से जुड़े परिवारों की प्रेरक कहानियों को सामने लाने, चिकित्सा क्षेत्र के योगदान को पहचान देने और समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास करेगी। यह आयोजन जीवन बचाने के इस मानवीय संकल्प को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की पहल है।

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