हमारा संविधान – हमारा सम्मान : देश का सबसे बड़ा संविधान जन-जागरण अभियान
भारत के संविधान को अपनाए 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुरू किया गया ‘हमारा संविधान–हमारा सम्मान’अभियान देश का अब तक का सबसे व्यापक जन-संवेदनशील कार्यक्रम बनकर उभरा है। इस राष्ट्रीय अभियान ने 13,700 से अधिक कार्यक्रमोंके माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा नागरिकोंको जोड़कर संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया।
देश के हर क्षेत्र—ग्राम पंचायतों से लेकर आकांक्षी जिलों और दूरस्थ इलाकों तक—इस पहल ने डिजिटल और भौतिक दोनों माध्यमों से मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित की। MyGov शपथ, क्विज़, प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कानूनी साक्षरता अभियानों ने संविधान को केवल समझाने ही नहीं, बल्कि उसे जन-गौरव का हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाई।
दिशा योजना : न्याय तक सरल और सुलभ पहुँच
कानूनी जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ने में दिशा योजना (2021–2026) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दिशा का उद्देश्य है—
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टेली-लॉ सेवाएँ
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न्याय बंधु (मुफ़्त कानूनी सहायता)
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कानूनी साक्षरता कार्यक्रम
इनके माध्यम से नागरिकों को सरल, सस्ती और सुगम कानूनी सेवाएँ उपलब्ध कराना।
संविधान दिवस और अभियान की शुरुआत
भारत हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाता है—1949 में इसी दिन संविधान अंगीकृत हुआ था। यही भावना आगे बढ़ाते हुए न्याय विभाग ने भारत के 75वें गणतंत्र वर्ष पर ‘हमारा संविधान–हमारा सम्मान’ नामक वर्षभर चलने वाला राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया।24 जनवरी 2024 को उपराष्ट्रपति द्वारा डॉ. बी.आर. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में इस अभियान का शुभारंभ किया गया।यह पहल केवल समारोह नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय नागरिक आंदोलन बनकर उभरी, जिसमें कानूनी जागरूकता और संवैधानिक साक्षरता को एक साथ जोड़ा गया। टेली-लॉ, न्याय बंधु, MyGov शपथ, कानूनी कार्यशालाओं और नागरिक संकल्प कार्यक्रमों ने संविधान को व्यवहारिक रूप से आम जीवन से जोड़ा।
अगला चरण : हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान
एक वर्ष की व्यापक सहभागिता के बाद, 24 जनवरी 2025 को यह आंदोलन अगले चरण में प्रवेश कर गया
हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान
अब लक्ष्य केवल जागरूकता नहीं, बल्कि संविधान के प्रति गर्व और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करना है।यह चरण नागरिकों को अधिकारों और कर्तव्यों दोनों के प्रति संवेदनशील और सशक्त बनाता है।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
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संविधान का एक सशक्त दृश्य प्रतीक तैयार करना
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संविधान के निर्माण में लगे अथक परिश्रम को सामने लाना
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हर भारतीय में संविधान के प्रति गौरव और जुड़ाव बढ़ाना
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कानूनी साक्षरता का राष्ट्रव्यापी विस्तार
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नागरिकों को न्याय प्रणाली के साथ जोड़ना
राष्ट्रीय अभियान की तीन प्रमुख पहलें
सबको न्याय – हर घर न्याय
लक्ष्य : हर नागरिक तक न्याय की आसान और समान पहुँच।
मुख्य पहलें
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पंच प्राण प्रतिज्ञा
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न्याय सेवा मेला (राज्य स्तरीय कानूनी मेला)
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न्याय सहायक (कानूनी संदेशवाहक)
न्याय सहायकों ने घर-घर जाकर जागरूकता फैलाते हुए 14,598 मामलों में सहायता की और हजारों "विधि बैठक" सत्र आयोजित किए।
नव भारत – नव संकल्प
MyGov प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं और नागरिकों में पंच प्राण एवं संवैधानिक सिद्धांतों को लोकप्रिय बनाने की पहल।
विधि जागृति अभियान
ग्रामीण एवं वंचित समुदायों को उनके अधिकारों और कानूनी उपायों के बारे में जागरूक करना।
मुख्य घटक:
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ग्राम विधि चेतना — 10,000+ लाभार्थी
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वंचित वर्ग सम्मान अभियान — बच्चों, दिव्यांग, महिलाओं, SC/ST, ट्रांसजेंडर और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर कार्यशालाएँ
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नारी भागीदारी — महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर विस्तृत कार्यक्रम
चार महत्वपूर्ण क्षेत्रीय आयोजन
1. बीकानेर (9 मार्च 2024)
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"वॉयस ऑफ बेनिफिशरीज़" महिला संस्करण का अनावरण
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राजस्थान राज्य की टेली-लॉ प्रोफ़ाइल पुस्तिका जारी
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900 प्रतिभागी
2. प्रयागराज (16 जुलाई 2024)
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"हमारा संविधान–हमारा सम्मान" पोर्टल लॉन्च
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800 प्रतिभागी
3. गुवाहाटी (19 नवंबर 2024)
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पॉडकास्ट, कॉमिक बुक और "संविधान कट्टा" पत्रिका जारी
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1400 प्रतिभागी
4. कुंभ, प्रयागराज (24 जनवरी 2025)
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उपलब्धि पुस्तिका का विमोचन
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2000 प्रतिभागियों की उपस्थिति
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कार्यक्रम का राष्ट्रीय प्रसारण
अभियान की उपलब्धियाँ
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13,700+ कार्यक्रम
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1 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी
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देशभर में 84,65,651+ लोगों तक जागरूकता
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कानूनी सहायता, डिजिटल सहभागिता और जन-जागरूकता का ऐतिहासिक समन्वय
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युवाओं और ग्रामीण समुदायों की भारी भागीदारी
