चरक इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन में 'अभिभावक-शिक्षक बैठक' संपन्न; विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुआ मंथन
लखनऊ | 23 मार्च 2026
राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान चरक इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन के महाविद्यालय सभागार में सोमवार को 'अभिभावक-शिक्षक बैठक' (PTM) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा तैयार करना रहा।
प्रबंधन और प्राचार्या का मार्गदर्शक संबोधन
यह महत्वपूर्ण बैठक प्रबंध महोदया श्रीमती रितु मैम और प्राचार्या डॉ. अनुराधा त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्राचार्या ने अपने संबोधन में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
शैक्षणिक प्रगति और करियर पर चर्चा
बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया:
-
शैक्षणिक प्रदर्शन: शिक्षकों ने प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति रिपोर्ट साझा की।
-
उपस्थिति और अनुशासन: छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
-
भविष्य की संभावनाएं: करियर मार्गदर्शन (Career Guidance) के माध्यम से छात्रों के सामने उपलब्ध विभिन्न व्यावसायिक अवसरों की जानकारी दी गई।
अभिभावकों का सराहनीय सहयोग
अभिभावकों ने महाविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। उन्होंने माना कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलती है और घर व कॉलेज के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित होता है।
उज्ज्वल भविष्य का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि शिक्षक और अभिभावक मिलकर विद्यार्थियों के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करेंगे, जिससे वे समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना प्रभावी योगदान दे सकें। चरक संस्थान की यह पहल दर्शाती है कि संस्थान केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तित्व निर्माण और सफल करियर के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

