पायनियर पब्लिक स्कूल में अभिभावक-शिक्षक बैठक, उत्तर-पुस्तिकाओं के अवलोकन से अभिभावकों ने जाना बच्चों का शैक्षणिक प्रदर्शन
बलरामपुर। पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में रविवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक एवं उत्तर-पुस्तिका अवलोकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का पारदर्शी आकलन करने के साथ विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना रहा।
प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कोषाध्यक्षा मीता तिवारी, प्रधानाचार्या कुमारी रागिनी, उप प्रधानाचार्या शिखा पाण्डेय और उप प्रधानाचार्य राघवेन्द्र त्रिपाठी सहित विद्यालय के शिक्षकों ने अभिभावकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों की जांची गई उत्तर-पुस्तिकाएं अभिभावकों को दिखाई गईं। इसके माध्यम से अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई के स्तर, उपलब्धियों, मजबूत पक्षों और उन क्षेत्रों की जानकारी मिली, जहां सुधार की आवश्यकता है। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार, अनुशासन और नियमित उपस्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों से घर पर भी सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की अपील की। प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा गृहकार्य स्वयं करने के बजाय बच्चों को अपने काम खुद करने के लिए प्रेरित करने की बात कही।उन्होंने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम पर भी चिंता जताते हुए मोबाइल फोन और गेमिंग की आदत को सीमित करने तथा पढ़ाई के दौरान बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह दी।
प्रधानाचार्या और उप प्रधानाचार्याओं ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ योग, खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। अभिभावकों से प्रतिदिन बच्चों का स्कूल बैग, ड्रेस, आई-कार्ड और गृहकार्य जांचने के बाद ही उन्हें विद्यालय भेजने का आग्रह किया गया।

बैठक में अभिभावकों ने शिक्षकों से बच्चों की प्रगति को लेकर चर्चा की और उनके द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों की सराहना की। कई अभिभावकों ने बच्चों के बेहतर भविष्य और अनुशासन को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह आयोजन घर और विद्यालय के बीच संवाद को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत प्रगति पर संयुक्त रूप से काम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। उपस्थित अभिभावकों ने कार्यक्रम पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे बच्चों के विकास के लिए उपयोगी बताया।
