Parliament Budget Session Part 2 : 9 मार्च से होगी शुरुआत, ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और नए विधेयकों पर टिकी नजरें

Parliament Budget Session Part 2: Begins March 9, eyes on no-confidence motion against Om Birla and new bills
 
Parliament Budget Session Part 2 :  9 मार्च से होगी शुरुआत, ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और नए विधेयकों पर टिकी नजरें
Parliament Budget Session Part 2:  संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च 2026 से शुरू होने जा रहा है, और राजनीतिक गलियारों में इसकी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के हालिया बयानों ने साफ कर दिया है कि यह सत्र न केवल हंगामेदार होगा, बल्कि देश के लिए कई बड़े फैसलों का गवाह भी बनेगा।

संसद के आगामी बजट सत्र को लेकर देश भर में उत्सुकता बनी हुई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संकेत दिया है कि इस बार का सत्र बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण रहने वाला है। 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने वाले इस चरण में कई अहम पड़ाव आएंगे।

1. पहले ही दिन 'अविश्वास प्रस्ताव' पर घमासान

सत्र के पहले ही दिन यानी 9 मार्च को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। नियमानुसार, उसी दिन चर्चा के बाद मतदान (Voting) की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। यह दिन केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच शक्ति प्रदर्शन का एक बड़ा केंद्र बनेगा।

2. विपक्ष को सख्त चेतावनी

किरेन रिजिजू ने सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष पिछले सत्र की तरह इस बार भी सदन की कार्यवाही में बाधा डालता है, तो इसका परिणाम उनके लिए सही नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा में देरी होने की स्थिति में सरकार बिना किसी अवरोध के महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की दिशा में कदम उठा सकती है।

3. मंत्रालयों के कामकाज पर होगी विस्तृत चर्चा

बजट सत्र के इस दूसरे भाग में मंत्रालयों के बजट और उनकी अनुदान मांगों (Grants) पर गहन विचार-विमर्श होगा:

  • लोकसभा: पाँच प्रमुख मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।

  • राज्यसभा: अन्य पाँच मंत्रालयों के प्रदर्शन और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी।

4. 'सरप्राइज' विधेयकों की तैयारी

रिजिजू ने इशारा किया है कि सरकार इस सत्र में कुछ ऐसे अहम विधेयक (Bills) पेश करने वाली है, जो देश की दिशा तय करेंगे। हालांकि, उन्होंने अभी इन विधेयकों के नामों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि इन पर होने वाली चर्चा काफी व्यापक और प्रभावशाली होगी।

सत्र की मुख्य बातें एक नज़र में

विवरण जानकारी
सत्र की अवधि 9 मार्च 2026 से 2 अप्रैल 2026
बड़ी हलचल लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (9 मार्च)
एजेंडा अनुदान मांगों पर चर्चा और नए विधायी कार्य
सरकार का रुख चर्चा के लिए तैयार, लेकिन बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई के संकेत

9 मार्च से शुरू होने वाला यह सत्र केवल सरकारी कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह राजनीतिक रोमांच और निर्णायक फैसलों का संगम होने वाला है। सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेता है या सदन में एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा होती है।

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