PB Fintech Share Crash: IRDAI के प्रस्ताव से Policybazaar के शेयर में भूचाल, दो दिन में 40% से ज्यादा की गिरावट
शेयर बाजार में PB Fintech, यानी Policybazaar की पैरेंट कंपनी, के शेयर में बीते दो कारोबारी सत्रों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बीमा नियामक IRDAI की ओर से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन के कमीशन और खर्चों से जुड़े नियमों में बदलाव के प्रस्ताव के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी और शेयर पर तेज बिकवाली देखने को मिली।
24 सितंबर को PB Fintech का शेयर करीब 36 फीसदी टूटकर 1,207.20 रुपये के 52-वीक लो तक पहुंच गया। यह कंपनी के शेयर में लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावटों में से एक रही। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में एक ही सत्र में करीब 31,400 करोड़ रुपये की कमी आई।
शनिवार को भी शेयर पर दबाव
24 सितंबर को भारी गिरावट के बाद 25 सितंबर को भी शुरुआती कारोबार में PB Fintech के शेयर में दबाव देखा गया। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शेयर ने कुछ रिकवरी भी दिखाई। ऐसे में बुधवार के बंद भाव से दो कारोबारी दिनों की चाल को देखें तो स्टॉक में गिरावट 40 फीसदी से अधिक के स्तर तक पहुंच गई थी।
IRDAI के प्रस्ताव से क्यों घबराए निवेशक?
गिरावट की मुख्य वजह IRDAI का इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव है। नियामक ने एक कंसल्टेशन पेपर के जरिए कमीशन की व्यवस्था में व्यापक बदलाव सुझाए हैं।
प्रस्ताव के मुताबिक कमीशन की सीमा बीमा उत्पाद के प्रकार, डिस्ट्रीब्यूशन चैनल, पॉलिसी के आकार, उत्पाद की जटिलता और उसे बेचने में लगने वाली मेहनत जैसे पहलुओं से जोड़ी जा सकती है। स्वास्थ्य, टर्म और मोटर इंश्योरेंस में नए कारोबार पर मिलने वाले कमीशन में भी कमी का प्रस्ताव है।
इसके अलावा बैंक या लेंडर के जरिए लोन के साथ बीमा बेचने पर भुगतान की सीमा तय करने और क्रेडिट के साथ बीमा की अनिवार्य bundling पर रोक जैसे प्रस्ताव भी चर्चा में हैं। IRDAI ने प्रस्ताव पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है, यानी ये बदलाव अभी अंतिम नियम नहीं बने हैं।
Policybazaar पर इसका क्या असर पड़ सकता है?
PB Fintech का कारोबार ऑनलाइन इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ा है। ऐसे में निवेशकों को आशंका है कि यदि कमीशन दरें प्रस्ताव के मुताबिक कम होती हैं, तो कंपनी की यूनिट इकनॉमिक्स, कमाई और मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
Jefferies के विश्लेषण के मुताबिक नए कारोबार पर कमीशन दर में 10 फीसदी की कटौती PB Fintech और Turtlemint की कमाई में करीब 10-12 फीसदी की कमी का कारण बन सकती है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर PB Fintech की निकट अवधि की कमाई पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य और मोटर इंश्योरेंस पर खास नजर
विश्लेषकों के मुताबिक प्रस्तावित बदलावों का असर खास तौर पर स्वास्थ्य और मोटर इंश्योरेंस जैसे सेगमेंट में देखने को मिल सकता है। रिपोर्टों के अनुसार स्वास्थ्य बीमा में शुरुआती कमीशन के लिए 15-20 फीसदी की सीमा और रिन्यूअल/पोर्टिंग पर कम सीमा का प्रस्ताव है। मोटर इंश्योरेंस में भी कुछ श्रेणियों के लिए कमीशन सीमा प्रस्तावित की गई है।
Jefferies के मुताबिक PB Fintech के गैर-जीवन बीमा कारोबार की भविष्य की कमाई के अनुमान पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है। कंपनी की ओर से लागत को नियंत्रित करने, भर्ती और मार्केटिंग खर्च की समीक्षा जैसे कदमों पर भी विचार किए जाने की बात रिपोर्टों में सामने आई है।
कंपनी के लिए प्रस्ताव अभी अंतिम फैसला नहीं
यहां यह समझना जरूरी है कि IRDAI का मौजूदा दस्तावेज कंसल्टेशन पेपर है। नियामक ने इस पर हितधारकों से सुझाव मांगे हैं और अंतिम नियम आने से पहले प्रस्तावों में बदलाव संभव है। इसलिए मौजूदा बाजार प्रतिक्रिया को अंतिम नियामकीय प्रभाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
PB Fintech के शेयर में आई तेज गिरावट ने फिलहाल इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार की कमाई और कमीशन मॉडल को लेकर बाजार की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। आगे शेयर की दिशा पर IRDAI के अंतिम नियम, कंपनियों की लागत रणनीति और कमीशन व्यवस्था में वास्तविक बदलाव अहम भूमिका निभा सकते हैं।
