क्रिकेट की गरिमा, खिलाड़ियों के भविष्य और पारदर्शिता के लिए लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में क्रिकेट खिलाड़ी, कोच, अभिभावक, पदाधिकारी एवं जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ है, जो क्रिकेट की गरिमा और खिलाड़ियों के भविष्य को प्रभावित कर रही है।]
वक्ताओं ने कहा कि लखनऊ प्रीमियर लीग की शुरुआत युवाओं को मंच देने और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह टूर्नामेंट भ्रष्टाचार, पक्षपात और अनियमितताओं का केंद्र बनता प्रतीत हो रहा है। यह संघर्ष केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि सैकड़ों मेहनती खिलाड़ियों और उनके परिवारों की उम्मीदों एवं विश्वास से जुड़ा हुआ है।

अभिभावकों ने भी उठाई न्याय की आवाज़
इस अवसर पर अभिभावकों प्राची पांडे, ज्योति त्रिपाठी, प्रीति गुप्ता, अर्चना मिश्रा, खुशबू, उजमा, एम.पी. सिंह, प्रदीप कुमार पाण्डेय, अरशी रज़ा, अश्वनी श्रीवास्तव, डॉ. समीर सिंह एवं शिशिर चतुर्वेदी (हिंदू महासभा) ने भी खिलाड़ियों के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की और निष्पक्ष जाँच तथा पारदर्शी चयन प्रक्रिया की माँग की।
क्रिकेट प्लेयर एकता एसोसिएशन की प्रमुख माँगें
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लखनऊ प्रीमियर लीग के संचालन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जाँच कराई जाए।
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चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाया जाए।
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खिलाड़ियों से जुड़े सभी निर्णयों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
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भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के साथ अन्याय न हो, इसकी लिखित गारंटी दी जाए।
एसोसिएशन ने दोहराया कि खिलाड़ी मैदान में हार-जीत को खेल भावना से स्वीकार करते हैं, लेकिन व्यवस्था की बेईमानी और अन्याय को स्वीकार करना उनके स्वाभिमान के विरुद्ध है। यह आंदोलन खिलाड़ियों के सम्मान, अधिकारों और उत्तर प्रदेश के क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के संकल्प के साथ जारी रहेगा। धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। उपस्थित सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों और कोचों ने एक स्वर में भ्रष्टाचार एवं शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाई।
प्रमुख नारे
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भ्रष्टाचार नहीं चलेगा!
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खिलाड़ियों का शोषण नहीं चलेगा!
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न्याय लेकर रहेंगे!
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क्रिकेट प्लेयर एकता एसोसिएशन ज़िंदाबाद!
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खिलाड़ियों की एकता ज़िंदाबाद!
जारी कर्ता:
क्रिकेट प्लेयर एकता एसोसिएशन, लखनऊ
