जीआईटीएम में बिल्डिंग एवं रेल/रोड इंटीग्रेटेड फोटोवोल्टविक तकनीक पर फेज-II प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

Phase-II training program on Building and Rail/Road Integrated Photovoltaic technology organized at GITM.
 
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लखनऊ, 8 अगस्त 2026। गोएल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (जीआईटीएम), लखनऊ में अब्युदय मल्टीसर्विसेज, ग्रांट थॉर्नटन भारत एवं सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से “बिल्डिंग इंटीग्रेटेड फोटोवोल्टिक एवं रेल/रोड इंटीग्रेटेड फोटोवोल्टिक–फेज-II” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं बहुविषयक कौशल से लैस करना रहा।

प्रशिक्षण में जीआईटीएम के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के 30 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इनमें छात्राओं की भागीदारी लगभग 25 प्रतिशत रही। प्रशिक्षण के दौरान भवनों, रेलवे एवं सड़क अवसंरचना में फोटोवोल्टिक तकनीक के उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा तथा सतत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। अब्युदय मल्टीसर्विसेज के अध्यक्ष अमित सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रति जिज्ञासु बनने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

जीआईटीएम के निदेशक डॉ. ऋषि अस्थाना ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी जानकारी का उपयोग नवाचार तथा वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में करने का आह्वान किया। वहीं एसोसिएट डीन डॉ. बृजेश पाण्डेय ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

विशेषज्ञों ने समझाई फोटोवोल्टिक तकनीक

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जीआईजेड के ऊर्जा सलाहकार श्री वरुण, ग्रांट थॉर्नटन भारत के प्रबंधक निशांत वर्मा तथा सहायक प्रबंधक अक्षय भारद्वाज ने विशेषज्ञ सत्रों के माध्यम से भवन एकीकृत तथा रेल/सड़क एकीकृत फोटोवोल्टिक प्रणालियों की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी।

ऑनलाइन सत्रों, विशेषज्ञ व्याख्यानों और व्यावहारिक केस स्टडीज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि सौर ऊर्जा तकनीक को पारंपरिक अवसंरचना के साथ किस प्रकार प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को स्वच्छ ऊर्जा और सतत अवसंरचना के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित इंटरैक्टिव क्विज में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद एवं अनुभव साझा करने का अवसर भी उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य के रोजगार एवं नवाचार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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