PM Modi Independence Day 2026 Speech: लाल किले से पीएम मोदी का इकोनॉमी पर बड़ा विजन, 'सप्त धारा' और मैन्युफैक्चरिंग से बनेगा विकसित भारत
PM Modi Independence Day 2026 Speech: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए 'सप्त धारा' (आर्थिक विकास की 7 मुख्य शक्तियां) का खाका पेश किया और वैश्विक संकटों के बीच 'आत्मनिर्भर भारत' को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए देश को गति-शक्ति, रक्षा उत्पादन, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ना होगा।
‘सप्त धारा’ में सात प्रमुख ताकतों पर जोर
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया। इनमें शामिल हैं—
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
- फूड प्रोसेसिंग
- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
- गति शक्ति और बेहतर कनेक्टिविटी
- डिफेंस प्रोडक्शन
- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
- भारत की सॉफ्ट पावर
मैन्युफैक्चरिंग में लागत, गुणवत्ता और पैमाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यही भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और ब्रांड वैल्यू का आधार बनेगी।उन्होंने नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के माध्यम से भारतीय उद्योगों के लिए खुल रहे वैश्विक बाजारों का लाभ उठाने पर भी जोर दिया।
किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने वैश्विक बाजार में उर्वरकों की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसानों पर इसका पूरा बोझ नहीं पड़ने दे रही है। उन्होंने यूरिया और डीएपी की कीमतों का उदाहरण देते हुए सरकार की ओर से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी का उल्लेख किया।
डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
‘गति शक्ति’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हाईवे, इनलैंड वाटरवे, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और बंदरगाहों के विकास को महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि भारत को डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ रक्षा उपकरणों का वैश्विक सप्लायर बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
संसाधनों के ‘हथियारकरण’ पर चिंता
प्रधानमंत्री ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में संसाधनों के रणनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, उर्वरक, दवाइयां और सेमीकंडक्टर चिप्स जैसी आवश्यक वस्तुओं को भी वैश्विक स्तर पर दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।ऐसे माहौल में उन्होंने पिछले वर्षों में अपनाई गई आत्मनिर्भरता की नीति को भारत की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में बड़े अवसर
प्रधानमंत्री ने भारत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन स्टोरेज और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर जोर दिया।साथ ही उन्होंने ब्लू इकोनॉमी को भी विकास का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। समुद्री और तटीय संसाधनों का टिकाऊ एवं जिम्मेदार उपयोग आर्थिक विकास, रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा कर सकता है।
MSMEs के लिए वैश्विक बाजार बड़ा अवसर
प्रधानमंत्री ने देश के छोटे और मध्यम उद्योगों यानी MSMEs से वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के माध्यम से नए बाजारों तक पहुंच बना रहा है।टेक्सटाइल, मशीनरी और फार्मा सहित भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
भारत की सॉफ्ट पावर भी बनेगी आर्थिक ताकत
प्रधानमंत्री ने योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्म, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट को भारत की सॉफ्ट पावर बताया।उन्होंने कहा कि योग ने दुनिया को भारत से जोड़ा है और भारत के पास अपनी सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन क्षमता के माध्यम से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की बड़ी संभावना है।
प्रधानमंत्री के संबोधन का व्यापक संदेश यही रहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए आत्मनिर्भरता, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, आधुनिक बुनियादी ढांचा, तकनीकी नवाचार और वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की मजबूत मौजूदगी को एक साथ आगे बढ़ाना होगा।
