PM Modi Video Removal Controversy: संसदीय पैनल का मेटा को 3 दिन का अल्टीमेटम, मार्क जुकरबर्ग से मांगी गई बिना शर्त माफी

PM Modi Video Removal Controversy: Parliamentary panel issues 3-day ultimatum to Meta; demands unconditional apology from Mark Zuckerberg.
 
PM Modi Video Removal Controversy: संसदीय पैनल का मेटा को 3 दिन का अल्टीमेटम, मार्क जुकरबर्ग से मांगी गई बिना शर्त माफी

Meta CEO Mark Zuckerberg Ultimatum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया से एक वीडियो हटाए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा (Meta) के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की संसदीय समिति ने मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग को 3 दिन का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। समिति ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो हटाने के लिए मार्क जुकरबर्ग सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

तीन दिन का अल्टीमेटम

समिति ने Meta से कहा है कि वह तीन दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। साथ ही, घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी दे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। समिति ने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत उपलब्ध कानूनी संरक्षण वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है।

'सेफ हार्बर' पर भी चर्चा

समिति के अनुसार यदि किसी सोशल मीडिया मंच को धारा 79 के तहत मिलने वाला संरक्षण समाप्त होता है, तो मंच को प्रकाशित सामग्री के लिए अधिक प्रत्यक्ष कानूनी जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।

अन्य मुद्दों पर भी समिति की सिफारिशें

समिति ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री को समय पर नहीं हटाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भी कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता जताई है। इसके अलावा, साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में Google India के खिलाफ भी कार्रवाई पर विचार करने की सिफारिश की गई है।

क्या था मामला?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को NEET पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं, विशेषकर Gen Z, को संबोधित करते हुए एक वीडियो साझा किया था। यह वीडियो पहले इंस्टाग्राम और बाद में फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। कुछ समय बाद यह फेसबुक से हट गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

Meta ने बाद में सरकार को बताया कि यह घटना उसके AI आधारित ऑटोमेटेड कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम की तकनीकी त्रुटि के कारण हुई। कंपनी ने इस पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी और प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों के पोस्ट हटाने से पहले वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, संसदीय समिति ने Meta के इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना और विस्तृत जवाब के साथ जवाबदेही तय करने की मांग की है।

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