नीदरलैंड में पीएम मोदी का संबोधन 25 वर्षों का जनसमर्थन मेरी सबसे बड़ी पूंजी
प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 वर्षों तक मुख्यमंत्री और 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में देशवासियों का लगातार समर्थन उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि करोड़ों भारतीयों का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और पूंजी है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत केवल बदलाव नहीं, बल्कि दुनिया में सर्वश्रेष्ठ और सबसे तेज बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय युवा अब स्टार्टअप, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया that भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश तेजी से तकनीकी नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व, ग्रीन एनर्जी, ओलंपिक आयोजन और विश्व अर्थव्यवस्था के विकास इंजन बनने का सपना देख रहा है।
पीएम मोदी ने डिजिटल इंडिया और आधार आधारित सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान और यूनिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम संचालित कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिदिन अरबों डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं और भारत मोबाइल निर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर उत्पादन तक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत में रिकॉर्ड स्तर पर हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क, रेलवे विद्युतीकरण और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार हुआ है। साथ ही भारत अंतरिक्ष और न्यूक्लियर ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड और भारत के संबंधों को भी विशेष बताया। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड भारतीय कारोबार के लिए यूरोप में प्रवेश का एक स्वाभाविक द्वार बन सकता है और प्रवासी भारतीय इस साझेदारी को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भारत और नीदरलैंड की सांस्कृतिक समानताओं का उल्लेख करते हुए ट्यूलिप और कमल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे सही पोषण से फूल खिलते हैं, उसी तरह मजबूत साझेदारी से दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
