अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में साहित्य विधा की काव्य संध्या, कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
ब्यूरो चीफ आर.एल. पाण्डेय
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव के मंच पर साहित्य विधा साहित्यिक सामाजिक संस्था के तत्वावधान में भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया। बलरामपुर गार्डन, दूरदर्शन के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में शाम 7:30 बजे से कवियों और कवयित्रियों ने अपनी सारगर्भित रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नमिता सुंदर सचान ने की। मुख्य अतिथि के रूप में रेवांत पत्रिका की संपादक डॉ. अनीता श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में शब्द ग्राम की संस्थापिका एवं वरिष्ठ कवयित्री सुरेखा अग्रवाल तथा वरिष्ठ कवयित्री संध्या सिंह शामिल रहीं। कार्यक्रम का संयोजन राजेश मेहरोत्रा ने किया, जबकि मंच का कुशल संचालन भावना मौर्य ‘ग़ज़ल’ ने किया। संस्था की संस्थापिका मंजूषा श्रीवास्तव ‘मृदुल’ कार्यक्रम की संयोजक रहीं।
काव्य संध्या का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। काव्य पाठ के दौरान कवियों और कवयित्रियों ने अपनी विविध विषयों पर आधारित रचनाओं से श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम में मीनाक्षी शुक्ला ‘पीयूष’, संदीपिका दीक्षित, गरिमा पंत ‘लखनवी’, राजेश मेहरोत्रा, रविकांत पाण्डेय, जे.पी. सिंह ‘दीप’, प्रतिभा सिंह, सुरभि श्रीवास्तव, भावना मौर्य ‘ग़ज़ल’, कौसर रिज़वी, शालिनी सिन्हा, रजा मुदस्सर और मंजूषा ‘मृदुल’ सहित कई कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।
मंचासीन अतिथियों ने अपने संबोधन में साहित्य और सामाजिक सरोकारों के महत्व पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम ने साहित्यप्रेमियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक सुंदर मंच प्रदान किया। अंत में संस्था की संस्थापिका मंजूषा श्रीवास्तव ‘मृदुल’ ने सभी अतिथियों, रचनाकारों और उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
