लखनऊ पुस्तक मेले में साहित्य वीथिका की काव्य गोष्ठी, कविताओं से सजा भावनाओं का रंगमंच

Sahitya Vithika's Poetry Symposium at the Lucknow Book Fair: A Stage of Emotions Adorned with Poetry
 
Sahitya Vithika's Poetry Symposium at the Lucknow Book Fair: A Stage of Emotions Adorned with Poetry

लखनऊ। रवींद्रालय चारबाग में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेले के दौरान साहित्य वीथिका साहित्यिक सामाजिक संस्था द्वारा 18 मार्च 2026 (बुधवार) को एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों और कवियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।

गोष्ठी की मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, चन्द्रदेव दीक्षित एवं प्रमोद श्रीवास्तव रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. शोभा दीक्षित 'भावना' ने की। संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष मंजूषा श्रीवास्तव 'मृदुल' ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभा गुप्ता की वाणी वंदना, माँ शारदे की अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राजेश मेहरोत्रा 'राज' के सशक्त संचालन ने पूरे आयोजन को रोचक और जीवंत बनाए रखा।

इस काव्य गोष्ठी में भावनाओं के विविध रंग देखने को मिले—कहीं वेदना, कहीं उल्लास, कहीं प्रेरणा, तो कहीं भक्ति और ओज से परिपूर्ण प्रस्तुतियों ने मंच को गुंजायमान कर दिया।

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गोष्ठी में मीनाक्षी 'पीयूष', आलोक रावत, निशा 'नवल', संदीपिका दीक्षित, श्वेता श्रीवास्तव, पूजा श्रीवास्तव, जितेन्द्रपाल सिंह, राजेश मेहरोत्रा, कौसर रिज़वी, प्रतिभा श्रीवास्तव, भारती, सुमित यादव एवं स्वयं मंजूषा ‘मृदुल’ सहित अनेक कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

विशेष आकर्षण के रूप में ज्योति किरण जी ने संस्कृत गीत के माध्यम से भारतीय नववर्ष का स्वागत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।

कार्यक्रम के अंत में संस्था की अध्यक्ष मंजूषा श्रीवास्तव ‘मृदुल’ ने सभी अतिथियों, कवियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए गोष्ठी का समापन किया।

यह आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार संध्या साबित हुआ, जिसमें कविता के माध्यम से संवेदनाओं और विचारों का सुंदर संगम देखने को मिला।

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