स्पाइन सर्जरी में सटीकता को नया आयाम, लखनऊ में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध

Spine surgery reaches new levels of precision; state-of-the-art technology available for the first time in Lucknow.
 
स्पाइन सर्जरी में सटीकता को नया आयाम, लखनऊ में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध
लखनऊ, 24 जनवरी 2026।   उत्तर प्रदेश में स्पाइन और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए मेदांता अस्पताल ने अपने लखनऊ केंद्र में अत्याधुनिक ओ-आर्म स्पाइन सुइट की शुरुआत की है। इसके साथ ही मेदांता लखनऊ शहर का पहला अस्पताल बन गया है, जहां यह उन्नत इंट्रा-ऑपरेटिव इमेजिंग और नेविगेशन तकनीक उपलब्ध कराई गई है।

ओ-आर्म स्पाइन सुइट ऑपरेशन थिएटर के भीतर ही रियल टाइम में उच्च गुणवत्ता की 2डी और 3डी इमेज प्रदान करता है, जिससे स्पाइन और मस्तिष्क की जटिल सर्जरी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, तेज और सटीक हो सकेगी। अब तक स्पाइन और क्रेनियल सर्जरी में एमआरआई या सीटी स्कैन सर्जरी से पहले या बाहर किए जाते थे, जबकि ओ-आर्म तकनीक सर्जरी के दौरान ही शरीर के अंदर की स्पष्ट तस्वीरें उपलब्ध कराती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक को स्पाइन सर्जरी के लिए जीपीएस सिस्टम भी कहा जाता है, क्योंकि यह डॉक्टरों को संकरे और संवेदनशील हिस्सों में भी सटीक दिशा और स्थान की जानकारी देता है, जिससे सर्जरी की शुद्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

विशेषज्ञों ने बताई तकनीक की अहमियत

इस अवसर पर मेदांता के मेडिकल डायरेक्टर एवं यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि ओ-आर्म स्पाइन सुइट की शुरुआत मेदांता की उन्नत और भरोसेमंद इलाज की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा,“हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ओ-आर्म तकनीक से सर्जरी अधिक सुरक्षित और सटीक होगी, साथ ही मरीजों की रिकवरी भी पहले की तुलना में तेज होगी।”

न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. कमलेश सिंह भैसोरा ने बताया कि यह तकनीक स्पाइन और मस्तिष्क की सर्जरी में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है।उन्होंने कहा,“सर्जरी के दौरान ही तीन आयामी इमेज मिलने से हम तुरंत सटीकता की पुष्टि कर सकते हैं। इससे चीरा छोटा रहता है, रक्तस्राव कम होता है, ऑपरेशन का समय घटता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होता है।”

न्यूरोसर्जरी निदेशक डॉ. रवि शंकर ने कहा कि ओ-आर्म प्रणाली जटिल और जोखिम भरी सर्जरी में सुरक्षा को और अधिक मजबूत करती है।उनके अनुसार,“लगातार नेविगेशन की सुविधा से डॉक्टरों को कठिन हिस्सों में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ सर्जरी करने में मदद मिलती है।”

ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पाइन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. श्वेताभ वर्मा ने कहा कि यह तकनीक विशेष रूप से मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी के लिए अत्यंत उपयोगी है।उन्होंने बताया,“सटीक इम्प्लांट प्लेसमेंट और आसपास के टिश्यू को कम नुकसान होने से मरीजों को ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है और वे अक्सर दो से तीन दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाते हैं।”

मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

ओ-आर्म स्पाइन सुइट उन्नत इमेजिंग को कंप्यूटर आधारित नेविगेशन से जोड़ता है, जिससे ऑपरेशन थिएटर की कार्यक्षमता बढ़ती है और रेडिएशन का प्रभाव भी कम होता है। इस तकनीक से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अत्याधुनिक स्पाइन और न्यूरोसर्जरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र में उन्नत इलाज का एक नया मानक स्थापित होगा।

Tags