बलरामपुर में बच्चों की स्वास्थ्य जांच को नई रफ्तार देने की तैयारी, RBSK कार्यक्रम में तेजी

Balrampur prepares to give new impetus to children's health check-up, RBSK program accelerates
 
Balrampur prepares to give new impetus to children's health check-up, RBSK program accelerates
बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) को बलरामपुर जिले में और प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है। उद्देश्य यह है कि जिले के हर बच्चे को जन्मजात समस्याओं, पोषण की कमी, बीमारियों और विकासगत विलंब जैसी स्थितियों से समय पर सुरक्षा दी जा सके। इसके लिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।

जिले के सभी ब्लॉकों में तैनात RBSK मोबाइल हेल्थ टीमें 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की क्रमबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कर रही हैं। इस अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटी आयु के बच्चों की जांच और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण शामिल है।

4D श्रेणी के स्वास्थ्य मुद्दों की जांच

RBSK टीमें बच्चों में निम्नलिखित 4 श्रेणियों से संबंधित समस्याओं की पहचान कर रही हैं—

  1. जन्मजात विकार (Defects at Birth)

  2. बीमारियां (Diseases)

  3. पोषण संबंधी कमी (Deficiencies)

  4. विकास में विलंब या विकलांगता (Developmental Delays/Disability)

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के प्रत्येक बच्चे को समय पर जांच, आवश्यक रेफरल और उपचार की सुविधा मिले। गंभीर मामलों को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या उच्च स्तरीय केंद्रों में भेजने की व्यवस्था भी की गई है।

अभिभावकों से अपील

सीएमओ ने माता-पिता से आग्रह किया है कि यदि बच्चे में जन्म से संबंधित कोई विकार, बौद्धिक या शारीरिक विकास में देरी, सुनने-बोलने में समस्या, दृष्टि संबंधी दिक्कत, कुपोषण या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

RBSK के तहत बच्चों की जांच, उपचार और रेफरल सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।

जिले के सभी ब्लॉकों में तैनात RBSK मोबाइल हेल्थ टीमें 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की क्रमबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कर रही हैं। इस अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटी आयु के बच्चों की जांच और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण शामिल है।

4D श्रेणी के स्वास्थ्य मुद्दों की जांच

RBSK टीमें बच्चों में निम्नलिखित 4 श्रेणियों से संबंधित समस्याओं की पहचान कर रही हैं—

  1. जन्मजात विकार (Defects at Birth)

  2. बीमारियां (Diseases)

  3. पोषण संबंधी कमी (Deficiencies)

  4. विकास में विलंब या विकलांगता (Developmental Delays/Disability)

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के प्रत्येक बच्चे को समय पर जांच, आवश्यक रेफरल और उपचार की सुविधा मिले। गंभीर मामलों को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या उच्च स्तरीय केंद्रों में भेजने की व्यवस्था भी की गई है।

अभिभावकों से अपील

सीएमओ ने माता-पिता से आग्रह किया है कि यदि बच्चे में जन्म से संबंधित कोई विकार, बौद्धिक या शारीरिक विकास में देरी, सुनने-बोलने में समस्या, दृष्टि संबंधी दिक्कत, कुपोषण या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

RBSK के तहत बच्चों की जांच, उपचार और रेफरल सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।

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